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MP News: सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को राहत, एफआईआर और SIT जांच पर रोक
Fri, 22 Aug 2025 02:56 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 22 Aug 2025 02:56 PM IST
सार
भोपाल की मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज मामले में एफआईआर और एसआईटी जांच के आदेश दिए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है।
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कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल के मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। दरअसल, मप्र हाईकोर्ट जबलपुर ने पिछले दिनों आदेश दिया था कि भोपाल के इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज मामले में तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज की जाए और इसकी जांच एसआईटी को सौंपी जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ मसूद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां शुक्रवार को जस्टिस जे के माहेश्वरी की बेंच ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान कांग्रेस विधायक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, विवेक तन्खा और वरुण तन्खा पेश हुए। मसूद के वकील विवेक तन्खा ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश अनुचित है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए स्टे दे दिया। बता दें हाईकोर्ट के आदेश के बाद मसूद के खिलाफ कोहेफिजा थाने में कूटरचित दस्तावेजों के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। साथ ही डीजीपी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी एडीजी संजीव शमी के नेतृत्व में गठित की थी। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है।
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हाईकोर्ट ने दिए थे जांच और एफआईआर के आदेश
सोमवार को हाईकोर्ट ने कॉलेज की मान्यता को लेकर फर्जी दस्तावेजों की शिकायत पर सुनवाई करते हुए कहा था कि तीन दिन में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इसके बाद भोपाल के कोहेफिजा थाने में विधायक मसूद के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का केस दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि कॉलेज में नए एडमिशन पर रोक लगाई जाए और 90 दिन के भीतर एसआईटी अपनी रिपोर्ट पेश करे।
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सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान कांग्रेस विधायक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, विवेक तन्खा और वरुण तन्खा पेश हुए। मसूद के वकील विवेक तन्खा ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश अनुचित है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए स्टे दे दिया। बता दें हाईकोर्ट के आदेश के बाद मसूद के खिलाफ कोहेफिजा थाने में कूटरचित दस्तावेजों के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। साथ ही डीजीपी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी एडीजी संजीव शमी के नेतृत्व में गठित की थी। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है।
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हाईकोर्ट ने दिए थे जांच और एफआईआर के आदेश
सोमवार को हाईकोर्ट ने कॉलेज की मान्यता को लेकर फर्जी दस्तावेजों की शिकायत पर सुनवाई करते हुए कहा था कि तीन दिन में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इसके बाद भोपाल के कोहेफिजा थाने में विधायक मसूद के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का केस दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि कॉलेज में नए एडमिशन पर रोक लगाई जाए और 90 दिन के भीतर एसआईटी अपनी रिपोर्ट पेश करे।
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