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Bhopal Panchayat Chunav: चुनाव जीतने तक नंगे पैर रहने की कसम खाने वाले विक्रम 7 साल बाद पहनेंगे जूते-चप्पल
Sat, 16 Jul 2022 01:27 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 16 Jul 2022 01:27 PM IST
सार
भोपाल में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने वाले विक्रम भालेश्वर 7 साल बाद जूते-चप्पल पहनेंगे। विक्रम ने पिछला चुनाव हारने पर कसम खाई थी कि जब तक चुनाव नहीं जीतेंगे, तब तक जूते चप्पल नहीं पहनेंगे। जनता के आशीर्वाद से अब चुनाव जीतने के बाद जूते चप्पल पहनेंगे।
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विक्रम भालेश्वर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने वाले विक्रम भालेश्वर 7 साल बाद जूते-चप्पल पहनेंगे। विक्रम ने पिछला चुनाव हारने पर कसम खाई थी कि जब तक चुनाव नहीं जीतेंगे, तब तक जूते चप्पल नहीं पहनेंगे। जनता के आशीर्वाद से अब चुनाव जीतने के बाद जूते चप्पल पहनेंगे।
भोपाल जिला पंचायत के वार्ड-8 से विक्रम भालेश्वर सदस्य चुने गए हैं। वे 3 हजार से ज्यादा वोटों से जीते हैं। अपनी जीत के लिए विक्रम ने नंगे पैर ही गांव-गांव घूम कर प्रचार किया। विक्रम चुनाव जीतने के बाद 132 गांव में जाकर जनता से मिले आशीर्वाद के लिए धन्यवाद देने जाएंगे। इसके बाद जूते चप्पल पहनेंगे।
विक्रम भालेश्वर ने कहा कि जनता ने उनको आशीर्वाद दिया है। 38 साल के विक्रम ने एमए तक पढ़ाई की और किसान हैं। विक्रम ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले 2010 के पंचायत चुनाव लड़ा, जिसमें हार गए। फिर मंडी समिति के चुनाव में भी हार गए। 2015 के जिला पंचायत के चुनाव में वह 62 वोट से हार गए थे। जिसके बाद उन्होंने चुनाव नहीं जीतने तक नंगे पैर ही रहने की कसम खाई थी।
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भोपाल जिला पंचायत के वार्ड-8 से विक्रम भालेश्वर सदस्य चुने गए हैं। वे 3 हजार से ज्यादा वोटों से जीते हैं। अपनी जीत के लिए विक्रम ने नंगे पैर ही गांव-गांव घूम कर प्रचार किया। विक्रम चुनाव जीतने के बाद 132 गांव में जाकर जनता से मिले आशीर्वाद के लिए धन्यवाद देने जाएंगे। इसके बाद जूते चप्पल पहनेंगे।
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विक्रम भालेश्वर ने कहा कि जनता ने उनको आशीर्वाद दिया है। 38 साल के विक्रम ने एमए तक पढ़ाई की और किसान हैं। विक्रम ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले 2010 के पंचायत चुनाव लड़ा, जिसमें हार गए। फिर मंडी समिति के चुनाव में भी हार गए। 2015 के जिला पंचायत के चुनाव में वह 62 वोट से हार गए थे। जिसके बाद उन्होंने चुनाव नहीं जीतने तक नंगे पैर ही रहने की कसम खाई थी।
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