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अब MVM के छात्रों ने MP सरकार के स्मार्टफोन को घटिया बताते हुए लेने से किया इनकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Tue, 27 Feb 2018 08:02 PM IST
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भोपाल के एमवीएम कॉलेज के छात्रों ने सोमवार को राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे मोबाइल फोन को घटिया क्वालिटी का बताते हुए लेने से मना कर दिया। इससे पहले हाल ही में छतरपुर में भी छात्रों ने ऐसे ही फोन लेने से मना कर दिया था। राज्य सरकार ने सरकारी कॉलेज में 75 फीसदी हाजिरी पूरा करनेवाले छात्रों को मोबाइल फोन बांटने की योजना की शुरुवात की थी।
छात्रों का आरोप है कि सरकार की ओर से बांटे जा रहे मोबाइल फोन की क्वालिटी बहुत खराब है। छात्रों के प्रतिनिधि आसमां खान ने बताया, 'यह सिर्फ नाम का स्मार्टफोन है। हम ऐसे फोन का क्या करेंगे जिसमें सिर्फ दो मेगा पिक्सल और 0.3 मेगा पिक्सल के कैमरे हैं। इसके साथ ही इन फोन में इंटरनेट की स्पीड 2जी से भी कम है और बैटरी भी बहुत कमजोर है।
जैसे ही फोन बांटने के कार्यक्रम की शुरुवात हुई छात्रों ने समारोह का बहिष्कार कर दिया। छात्र इतने गुस्से में थे कि उन्होंने शिक्षकों को क्लासरूम में बंद कर दिया। छात्र 4जी फोन की मांग कर रहे थे।
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खान ने कहा, "सरकार पढ़ाई के लिए फोन देना चाहती है। 4जी के दौर में हम 3जी फोन लेकर क्या करेंगे। अगर सरकार 4जी फोन का खर्च नहीं उठा सकती है तो कम से कम उन्हें बेहतर क्वालिटी के 3जी फोन दें।"
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छात्रों का आरोप है कि सरकार की ओर से बांटे जा रहे मोबाइल फोन की क्वालिटी बहुत खराब है। छात्रों के प्रतिनिधि आसमां खान ने बताया, 'यह सिर्फ नाम का स्मार्टफोन है। हम ऐसे फोन का क्या करेंगे जिसमें सिर्फ दो मेगा पिक्सल और 0.3 मेगा पिक्सल के कैमरे हैं। इसके साथ ही इन फोन में इंटरनेट की स्पीड 2जी से भी कम है और बैटरी भी बहुत कमजोर है।
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जैसे ही फोन बांटने के कार्यक्रम की शुरुवात हुई छात्रों ने समारोह का बहिष्कार कर दिया। छात्र इतने गुस्से में थे कि उन्होंने शिक्षकों को क्लासरूम में बंद कर दिया। छात्र 4जी फोन की मांग कर रहे थे।
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खान ने कहा, "सरकार पढ़ाई के लिए फोन देना चाहती है। 4जी के दौर में हम 3जी फोन लेकर क्या करेंगे। अगर सरकार 4जी फोन का खर्च नहीं उठा सकती है तो कम से कम उन्हें बेहतर क्वालिटी के 3जी फोन दें।"
'फोन के कीमत में बहुत अंतर, मामले की जांच हो'
एमवीएम कॉलेज भोपाल
छात्रों का आरोप है कि फोन की बाजार कीमत सिर्फ 700 रुपये है। खान ने कहा, "हमें बताया गया था कि जो फोन हमें मिलने वाला था उसकी बाजार कीमत 2500 रुपये थी। मामले की जांच होनी चाहिए।"
छात्रों का आरोप है कि साल 2016 में उनके वरिष्ठों को बेहतर क्वालिटी के फोन दिए गए थे। एक अन्य छात्र ने कहा कि, "उस समय ब्रांडेड 3जी फोन दिए गए थे। ऐसा भेदभाव क्यों? हम हमारे सीनियर को दिए गए फोन ले लेंगे।"
सूत्रों के मुताबिक साल 2016 में सरकार ने छात्रों को बांटने के लिए हैदराबाद स्थित एक कंपनी को 3.75 लाख मोबाइल फोन के ऑर्डर दिए थे जिसमें हर एक फोन की कीमत 2159.75 रुपये थी।
छात्रों का आरोप है कि साल 2016 में उनके वरिष्ठों को बेहतर क्वालिटी के फोन दिए गए थे। एक अन्य छात्र ने कहा कि, "उस समय ब्रांडेड 3जी फोन दिए गए थे। ऐसा भेदभाव क्यों? हम हमारे सीनियर को दिए गए फोन ले लेंगे।"
सूत्रों के मुताबिक साल 2016 में सरकार ने छात्रों को बांटने के लिए हैदराबाद स्थित एक कंपनी को 3.75 लाख मोबाइल फोन के ऑर्डर दिए थे जिसमें हर एक फोन की कीमत 2159.75 रुपये थी।
