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भक्त की भगवान को चिट्ठी: रतलाम की महालक्ष्मी से गुहार- मेरी मदद करो देवी... 21 दिन में 50 लाख रुपए और कोई काम दे देना!
Tue, 26 Oct 2021 07:23 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 26 Oct 2021 07:23 PM IST
सार
दो साल के अंतर के बाद रतलाम के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर का दानपात्र खोला गया है। पटवारियों की टीम दान को गिन रही है। इसमें भक्तों की अनूठी चिट्ठियां भी सामने आ रही है। एक भक्त ने महालक्ष्मी से सीधे-सीधे 50 लाख रुपए कैश 21 दिन में उपलब्ध कराने की गुहार की है।
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महालक्ष्मी मंदिर, रतलाम
- फोटो : Social media
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विस्तार
भगवान के प्रति भक्तों की आस्था भी अनूठी है। यह आस्था लाखों के दान पर भारी है। यही वजह है कि जब भक्तों के पास भगवान को देने को कुछ नहीं रहता तो वे उनके चरणों में आस्था की अर्जी चढ़ा देते हैं। चाहे देवास की माता टेकरी हो या इंदौर का खजराना गणेश मंदिर, सभी जगह से आस्था की अर्जियां निकलती रही हैं। अब मध्यप्रदेश के रतलाम में प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर से भी ऐसी ही एक अर्जी मिली है, जिसमें भक्त ने प्रार्थना की है कि हे महालक्ष्मी मां मेरी मदद करो। 21 दिन में 50 लाख रुपए और कोई काम दे देना।
दरअसल, मध्यप्रदेश के रतलाम में प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर है। दीपावली पर तो इस मंदिर की रौनक देखते ही बनती है। करोड़ों रुपए की नगदी और जेवरात से मंदिर को सजाया जाता है। माणक चौक में ये मंदिर स्थित है। इसकी दूर-दूर तक ख्याति है।
पटवारियों की टीम ने की गिनती
करीब दो साल से मंदिर का दानपात्र नहीं खुला था। इसे लेकर मांग उठ रही थी कि आखिर दान पात्र कब खोला जाएगा। इसके बाद प्रशासन ने दान पात्र खोला। दस पटवारियों की टीम दान की गिनती में जुटी। पांच रुपए से लेकर 500 रुपए तक के नोट व चिल्लर मिली। इतना ही नहीं एक भक्त की अर्जी भी मिली जो सभी दान पर भारी रही। शाम तक चली गिनती के बाद पता चला कि भक्तों ने महालक्ष्मी को लगभग 2 लाख 18 हजार कैश चढ़ाए थे।
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देवास में माता की टेकरी के दानपात्र से मिली थी चिट्ठियां
पिछले दिनों मध्यप्रदेश के देवास की माता टेकरी पर भी दान पात्र खुले थे। मां तुलजा भवानी और चामुंडा माता मंदिर परिसर की दान पेटी खोली गई थी। इसमें भी भक्तों की रोचक चिट्ठियां मिलीं थी। किसी ने लिखा था कि उससे मिलाने के लिए थैंक्यू मां, तो किसी ने लिखा था कि मां मेरे पति की नोट प्रेस में नौकरी लगवा देना, मेरा मकान बनवा देना।
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दरअसल, मध्यप्रदेश के रतलाम में प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर है। दीपावली पर तो इस मंदिर की रौनक देखते ही बनती है। करोड़ों रुपए की नगदी और जेवरात से मंदिर को सजाया जाता है। माणक चौक में ये मंदिर स्थित है। इसकी दूर-दूर तक ख्याति है।
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पटवारियों की टीम ने की गिनती
करीब दो साल से मंदिर का दानपात्र नहीं खुला था। इसे लेकर मांग उठ रही थी कि आखिर दान पात्र कब खोला जाएगा। इसके बाद प्रशासन ने दान पात्र खोला। दस पटवारियों की टीम दान की गिनती में जुटी। पांच रुपए से लेकर 500 रुपए तक के नोट व चिल्लर मिली। इतना ही नहीं एक भक्त की अर्जी भी मिली जो सभी दान पर भारी रही। शाम तक चली गिनती के बाद पता चला कि भक्तों ने महालक्ष्मी को लगभग 2 लाख 18 हजार कैश चढ़ाए थे।
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देवास में माता की टेकरी के दानपात्र से मिली थी चिट्ठियां
पिछले दिनों मध्यप्रदेश के देवास की माता टेकरी पर भी दान पात्र खुले थे। मां तुलजा भवानी और चामुंडा माता मंदिर परिसर की दान पेटी खोली गई थी। इसमें भी भक्तों की रोचक चिट्ठियां मिलीं थी। किसी ने लिखा था कि उससे मिलाने के लिए थैंक्यू मां, तो किसी ने लिखा था कि मां मेरे पति की नोट प्रेस में नौकरी लगवा देना, मेरा मकान बनवा देना।
