योगी बोले: यूपी के भूमि पूजन समारोह में होगा 15 लाख करोड़ का निवेश, 1.10 करोड़ नए रोजगारों का होगा सृजन
16 देशों के 21 शहरों और देश के 10 शहरों में रोड शो सहित प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निवेशक सम्मेलन के उपरांत 39.52 लाख करोड़ के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 1.10 करोड़ नौकरी व रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
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39.52 लाख करोड़ के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के सीईओ के साथ विशेष बैठक कर मुख्यमंत्री ने विभागवार और जनपदवार निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की और क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक निवेशक सम्मलेन के बाद आठ महीने में 8000 से अधिक परियोजनाएं जमीन पर उतरने को तैयार हैं। हमें न्यूनतम 15 लाख करोड़ की औद्योगिक परियोजनाओं के साथ भूमि पूजन समारोह का आयोजन करना है। इस लक्ष्य के साथ सभी विभाग तैयारी तेज कर दें।
16 देशों के 21 शहरों और देश के 10 शहरों में रोड शो सहित प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निवेशक सम्मेलन के उपरांत 39.52 लाख करोड़ के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 1.10 करोड़ नौकरी व रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, ईवी, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फ़ूड प्रोसेसिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित हर सेक्टर में उद्यमियों ने रुचि दर्शायी है। उन्होंने निवेशकों से लगातार संवाद-संपर्क बनाये रखने के साथ निर्देश दिए कि उनकी जरूरतों का तत्काल समाधान हो। एनओसी व क्लीयरेंस देने में अनावश्यक देरी न की जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और विभागीय मंत्रियों से प्रत्येक औद्योगिक निवेश प्रस्ताव की तत्काल समीक्षा करने के साथ ये भी कहा कि औद्योगिक विकास एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति सहित सभी सेक्टोरल नीतियों का लाभ निवेशकर्ता को बिना विलंब, न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के मिलना चाहिए। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में 36000 एकड़ भूमि अधिग्रहण के साथ सीईओ व अन्य मानव संसाधन की तैनाती तत्काल करने के निर्देश दिए।
उद्योगों को जमीन की कमी न हो इसलिए लैंडबैंक का विस्तार करने के निर्देश देने के साथ औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा धारा 80 के अंतर्गत भू उपयोग परिवर्तन की अनुमति दिये जाने पर विचार कर उचित निर्णय लेने को कहा। आवासीय परियोजनाएं पूरी होने के बावजूद अधिभोग प्रमाण पत्र व पूर्णता प्रमाण पत्र जारी न करने पर असंतोष जताया। गैर पारंपरिक ऊर्जा विकल्पों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश की ग्रीन हाइड्रोजन नीति जारी करने के निर्देश दिए।