योगी मॉडल दुनिया के लिए आदर्श, 85 हजार लोगों की बचाई जान : मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस साहस और सूझबूझ से कोरोना पर सफलता पाई है वह अन्य प्रदेशों ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए मॉडल है। प्रधानमंत्री ने 33 करोड़ की आबादी वाले अमेरिका में कोरोना से हुई मौतों से यूपी की तुलना करते हुए कहा कि अगर योगी सरकार ने समय रहते तैयारी नहीं की होती तो यूपी में भी 85 हजार लोगों की जान जाती। लेकिन योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम की मेहनत ने कम से कम 85 हजार लोगों की जान बचाई है।
प्रधानमंत्री शुक्रवार को गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत योगी सरकार के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। अभियान के तहत सवा करोड़ करोड़ कामगारों को विभिन्न परियोजनाओं में काम मिलेगा। इसके अलावा इस मौके पर आत्म निर्भर भारत पैकेज के तहत 2.40 लाख इकाइयों को 5900 करोड़ का ऋण, 1.11 लाख नई इकाइयों को 3226 करोड़ का ऋण तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना एवं ओडीओपी में 5000 कारीगरों को टूल किट वितरण भी किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आंकड़ों में दुनिया के बड़े-बड़े विशेषज्ञों को चकित करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि यूपी के प्रयास और उपलब्धियां इसलिए बड़ी हैं क्योंकि यूपी केवल एक प्रदेश नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों से बड़ा प्रदेश है। इंग्लैंड, फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे देश ढाई सौ साल तक दुनिया में सुपरपावर थे। आज भी इनका दबदबा है। इन चारों देशों की कुल आबादी भी यूपी के बराबर 24 करोड़ नहीं है। लेकिन कोरोना संकट में इन चारों देशों में कुल 1 लाख 30 हजार लोगों की मृत्यु हुई है जबकि यूपी में सिर्फ 600 लोगों की जान गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति की मृत्यु भी दुखद होती है लेकिन इन चारों देशों के तमाम प्रयास और संसाधनों के बावजूद भी वे अपने लोगों की जान बचाने में यूपी की तरह कामयाब नहीं हुए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका जैसे ताकतवार देश जो एक चुटकी में जो चाहे कर सकता है वह भी कोरोना से प्रभावित है। अमेरिका की जनसंख्या 34 करोड़ है जबकि यूपी की 24 करोड़। अमेरिका में अब तक कोरोना से 1 लाख 25 हजार लोगों की मौत हुई है। योगी सरकार ने समय पर तैयारी नहीं की होती तो यूपी में भी अमेरिका की तरह तबाही मचती। इस पर प्रत्येक भारतवासी और यूपी की आने वाली पीढ़ियां भी गर्व करेगी।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि एक वो भी दिन था जब इलाहाबाद कुंभ में भगदड़ मची थी, तब वहां के सांसद देश के प्रधानमंत्री थे। भगदड़ में सैंकड़ों हजारों लोग मारे गए थे। लेकिन तत्कालीन सरकार ने सारा जोर मरने वालों की संख्या छिपाने में लगा दिया था। मोदी ने कहा कि लेकिन आज उत्तर प्रदेश के लोगों का जीवन बच रहा है, सुरक्षित हो रहा है यह देखकर तसल्ली मिलती है।
योगी सरकार ने यह सब उस स्थिति में किया है जब देशभर से करीब 30 लाख से अधिक श्रमिक कामगार यूपी लौटे थे। सैकड़ों श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलवाकर यूपी सरकार ने मुश्किल में फंसे अपने लोगों को वापस बुलाया। दूसरे राज्यों से आए इन साथियों से संक्र्तमण के फैलाव का रिस्क और भी अधिक था। लेकिन योगी सरकार ने स्थिति को जिस संवेदनशीलता के साथ संभाला, उसने राज्य को एक बड़े संकट से बाहर निकाल लिया।
दो गज की दूरी और ढका हुआ चेहरा यही है कोरोना की दवा
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई अभी खत्म होने वाली नहीं है। यह लड़ाई कब तक जारी रहेगी किसी को पता नहीं है। कोरोना से बचाव की एक ही दवा है, दो गज की दूरी, मगछे या फेसकवर से ढका हुआ मुंह। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बनती इसी दवा से कोरोना को रोक पाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी ने सोचा भी नहीं था कि मानव जाति पर ऐसा संकट आएगा कि लोग चाहकर भी एक-दूसरे की मदद नहीं कर पाएंगे। जीवन और आजीविका दोनों की सुरक्षा की इस लड़ाई को यूपी और भारत दोनों जीतेंगे।
आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार कार्यक्रम जैसी योजना अन्य प्रदेश भी लागू करें
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के गरीब कल्याण रोजगार अभियान को आगे बढ़ाते हुए योगी ने आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार कार्यक्र्तम लागू कर डबल इंजन की सरकार का उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया है। योगी सरकार ने रोजगार अभियान में अनेक योजनाएं जोड़कर और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाकर इसे गुणात्मक और संख्यात्मक विस्तार देकर इसे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के साथ भी जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि योगी ने आपदा को अवसर में बदला है। अन्य राज्यों को भी इससे सीखने को मिलेगा वे भी इससे प्रेरणा लेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य राज्य भी अपने यहां ऐसी योजनाएं लेकर आएंगे।
24 करोड़ जनता को नमन किया
प्रधानमंत्री ने कोरोना के खिलाफ संघर्ष में साथ देने के लिए प्रदेश की 24 करोड़ आबादी की सराहना करते हुए उन्हें नमन किया है। उन्होंनें कहा कि यूपी के डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी, पुलिस कर्मी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बैंक, पोस्ट आफिस कर्मी और परिवहन विभाग के कर्मचारियों सहित सभी ने पूरी निष्ठा से अपना योगदान दिया है।
पहले वाली सरकार होती तो बहानों से चुनौती को टाल देती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में 2017 से पहले वाली सरकारें होती तो अस्पतालों की संख्या, बिस्तरों की संख्या का बहाना बनाकर इस चुनौती को टाल देती। यूपी में 2017 से पहले जिस तरह का शासन और सरकार चल रही थी उस हालात में इन नतीजों की कल्पना भी नहीं कर सकते। योगी आदित्यनाथ ने हालात को गंभीरता से समझते हुए युद्धस्तर पर काम कराया। क्वारंटीन सेंटर और आइसोलेशन वार्ड तैयार कराने के लिए पूरी ताकत लगा दी।
ढाई महीने में एक लाख बिस्तर तैयार
प्रधानमंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने बाहर से आए श्रमिकों के लिए 60 हजार ग्रामीण निगरानी समितियों का गठन किया। समितियों ने गांवों में क्वारंटीन की व्यवस्था विकसित करने में बहुत मदद की सिर्फ दो-ढाई महीने के भीतर ही यूपी में कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में एक लाख बिस्तर तैयार करने का बड़ा काम किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत यूपी ने 15 करोड़ गरीबों को भोजन, 42 लाख मीट्रिक टन अनाज बांटा गया है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं था उनके लिए भी राशन की दुकान के दरवाजे खोले। सवा तीन करोड़ गरीब महिलाओं के जनधन खाते में लगभग 5 हजार करोड़ रुपए भी सीधे ट्रांफफर किए गए।
उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को तेज गति से आत्मनिर्भरता के रास्ते पर ले जाने और गरीब कल्याण रोजगार के अभियान में यूपी तेजी से आगे बढ़ रहा है। गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मुहैया कराने के लिए कार्यक्र्तम शुरू किए जा रहे हैं। गरीबों के लिए पक्के घर, सामूहिक शौचालय, पंचायत भवन, कुएं-तालाब, सड़क, इंटरनेट लाइन बिछाने जैसे 25 कार्यों की सूची केंद्र सरकार ने बनाई है।
उत्तर प्रदेश ने इस लिस्ट को आगे बढ़ाते हुए सीधे करीब-करीब सवा करोड़ श्रमिक और कामगार साथियों को रोजगार देने का प्रयास किया है। इसमें से करीब 60 लाख को गांव के विकास से जुड़ी योजनाओं में तो करीब 40 लाख को छोटे उद्योगों एमएसएमई में रोजगार दिया जा रहा है। इसके अलावा स्वरोज़गार के लिए हज़ारों उद्यमियों को मुद्रा योजना के तहत करीब 10 हज़ार करोड़ रुपए का ऋण बांटा गया है। हस्तशिल्पियों को आधुनिक मशीनें और टूलकिट भी दी गई हैं। इससे हस्तशिल्पियों का काम भी बढ़ेगा और उनको सुविधा भी मिलेगी।
श्रमिकों को काम, उद्यमियों को बाजार मिलेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान से यूपी के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इससे श्रमिकों और कामगारों को काम मिलेगा और उद्यमियों को बाजार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यूपी का सांसद होने के नाते वह मुख्यमंत्री के लगातार संपर्क में हैं। यूपी में सवा करोड़ कामगारों, कर्मचारियों की पहचान करने 30 लाख से ज्यादा श्रमिकों के कौशल और अनुभव का डाटा तैयार कर उनके समुचित रोजगार की व्यवस्था की जा रही है।
इससे साफ दिखता है कि उत्तर प्रदेश सरकार की तैयारी कितनी सघन और व्यापक रही है। यूपी की एक जनपद एक उत्पाद योजना तो पहले से ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। उनको एक बड़ा बाजार दे रही है। अब आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत जब पूरे देश में ऐसे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों के क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। इससे कपड़ों, सिल्क, लेदर व पीतल जैसे औद्योगिक क्लस्टर को बल मिलेगा और नया बाजार मिलेगा।
किसानों को मिलेगा आत्मनिर्भर भारत का लाभ
प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान का बहुत बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों को होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जो तीन नए कानून लेकर आई है किसानों को मंडी से बाहर भी अपनी उपज बेचने का अधिकार मिल गया है। यानि जहां बेहतर दाम मिलेंगेए वहां किसान अपना सामान बेचेगा। उन्होंने कहा कि अब यदि किसान चाहे तो अब बुआई के समय ही अपनी फसल का दाम तय कर सकता है। अब आलू की फसल पैदा करने वाला किसान चिप्स बनाने वाले उद्योग के साथ, आम उत्पादक किसान मैंगो जूस बनाने वाले के साथ, टमाटर की खेती करने वाला किसान सॉस बनाने वाले के साथ, फसल की तैयारी के समय ही समझौता कर सकता है। इससे उसे दाम घटने की चिंता से मुक्ति मिल पाएगी।
तीन साल में तीन लाख सरकारी नौकरी
मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के तीन साल में तीन लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। सिर्फ तीन साल में यूपी में गरीबों के लिए 30 लाख से ज्यादा पक्के घर बनाए गए हैं। यूपी को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया है। तीन साल के प्रयास से ही मातृ मृ्त्यु दर में 30 प्रतिशत कमी आई है।