योगी सरकार की आजम खां को घेरने की तैयारी, कब्रिस्तान चारदीवारी योजना की होगी जांच
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वक्फ बोर्ड के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार कब्रिस्तान की चारदीवारी योजना की भी जांच कराने जा रही है। यह योजना पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रहे मो. आजम खां ने चलाई थी।
योजना पर पिछले साल के दौरान करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस योजना में घपलों को लेकर कई बार कई जिलों से शिकायतें भी हुईं थीं लेकिन तब पूर्व मंत्री के रसूख के चलते हर बार उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जांच के लिए नागरिक उड्डयन विभाग के विशेष सचिव सूर्य पाल गंगवार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता योगेंद्र कुमार गुप्ता व आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता सुनील चौधरी को सदस्य बनाया गया है।
योगी सरकार में आई शिकायतें
योजना के तहत पहले चार साल में 200-200 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। जबकि अंतिम साल में 400 करोड़ रुपये का बजट पास कराया गया। कब्रिस्तानों की चारदीवारी की गुणवत्ता जांचने के लिए डीएम, एसडीएम व तहसीलदारों की जिम्मेदारी तय की गई थी।
पर, इन अफसरों ने कभी जांच की हिम्मत नहीं जुटाई। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही इसकी फिर शिकायतें हुईं। इसपर योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस योजना के तहत विभिन्न जिलों में हुए निर्माण कार्यों की जांच कराने का फैसला किया है।
प्रदेश सरकार ने समिति को जिलेवार जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि जांच के जरिये पूर्व मंत्री आजम खां को घेरने की तैयारी कर रही है।
इन बिंदुओं की होगी जांच
1कब्रिस्तान की चारदीवारी विवादित भूमि पर तो नहीं बनाई गई?
2-चारदीवारी का निर्माण किन दरों पर किया गया ? बाजार भाव और उसमें क्या अंतर है ?
3-निर्माण कार्य की गुणवत्ता कैसी है ?
4-प्रदेश सरकार से जिलों को जितना पैसा स्वीकृत हुआ उसके सापेक्ष कितना काम हुआ ?
5-निर्माण एजेंसी को दिए गए पैसों का उपभोग प्रमाण पत्र नहीं देने के बावजूद और पैसे कैसे दिए गए ?
6-ज्यादातर काम एक ही निर्माण एजेंसी से कराए गए ? इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी तो नहीं है?a