Yogi Cabinet: राशन वितरण पर खर्च हुए 3196 करोड़, आजमगढ़-रामपुर पर खास फोकस, जानिए नोएडा-प्रयागराज को लेकर सीएम का प्लान
प्रदेश में मुफ्त राशन, नमक और तेल वितरण पर 3196.81 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय हुआ है। कैबिनेट ने अनुमानित व्यय भार के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रदेश के नोएडा में 15,950 करोड़ रुपये के निवेश से चार डाटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे। डाटा सेंटर पार्क में चार हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
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योगी कैबिनेट ने प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को वितरित मुफ्त राशन पर हुए 3196 करोड़ 81 लाख रुपये के अनुमानित व्यय की मंजूरी दी है। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि मंत्रिमंडल की 26 मार्च 2022 को आयोजित बैठक में अप्रैल से जून तक प्रत्येक राशन कार्ड पर एक किलो नमक, एक लीटर रिफाइंड तेल, एक किलो दाल का मुफ्त वितरण करने का निर्णय लिया गया था। अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को 35 किलो खाद्यान, पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो गेहूं या चावल भी निशुल्क देने का का प्रस्ताव मंजूर किया था। इसके अतिरिक्त अंत्योदय कार्ड धारकों को एक किलो चीनी भी निशुल्क देने का निर्णय हुआ था। उन्होंने बताया कि इस प्रकार मुफ्त राशन, नमक और तेल वितरण पर 3196.81 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय हुआ है। कैबिनेट ने अनुमानित व्यय भार के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
प्रदेश में नगरीय निकाय सीमा में शामिल हुए गांवों में भी स्वामित्व योजना के तहत आबादी सर्वे और अभिलेख क्रिया के कार्य जारी रखे जाएंगे। योगी कैबिनेट की मंगलवार को आयोजित बैठक में शहरी सीमा में शामिल गांवों में भी सर्वे जारी रखने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी नियत है। लेकिन राजस्व विभाग की ओर से 15 जून 2020 और 25 अप्रैल 2022 को जारी अधिसूचना के तहत कुछ गांव नगर निकाय संस्थाओं की सीमा में शामिल किए गए है। इससे उन गांवों की परिस्थिति में बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने ऐसे गांवों में स्वामित्व योजना के तहत कराए जा रहे आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख क्रिया के कार्यों को जारी रखने का निर्णय लिया है। इससे गांवों में संपत्ति के विवादों में कमी आएगी। ग्रामीणों को अपने गांव की आबादी क्षेत्र में स्थित अपने भवन, प्लॉट सहित अन्य स्थायी संपत्तियों के प्रमाणित दस्तावेज भी मिल सकेंगे। इससे उन्हें बैंक ऋण लेने में आसानी होगी।
प्रयागराज स्थित श्रृंगवेरपुर धाम में बनाए जा रहे निषादराज पार्क में उच्च श्रेणी का ग्रेनाइट और मकराना का मार्बल लगाया जाएगा। योगी कैबिनेट की मंगलवार को आयोजित बैठक में निषादराज पार्क में 3 करोड़ 68 लाख 19 हजार रुपये की लागत से उच्च श्रेणी के कार्य कराने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि निषादराज पार्क फेज-1 में स्टोन वर्क लाइनिंग, आरनामेंटल स्टोन वर्क फॉर वॉल लाइनिंग, आरनामेंटल स्टोन वर्क फॉर आर्च डिजाइन, ग्रेनाइट फ्लोरिंग, स्टोन वर्क इन कूपिंग, स्टोन क्लेडिंग, मकराना स्टोन फ्लोरिंग, ग्रेनाइट कोबल का कार्य कराया जाएगा। इन पर करीब 3 करोड़ 68 लाख 19 हजार रुपये खर्च होंगे।
उन्होंने बताया कि श्रृंगवेरपुर धाम का पौराणिक, धार्मिक और पुरातात्विक महत्व है। प्रयागराज में गंगा के तट के पास स्थित श्रृंगवेरपुर धाम माता शांति और श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि है। वन गमन के समय भगवान राम ने सीता और लक्ष्मण के साथ यहां स्थित आश्रम में रात्रि विश्राम किया था। दूसरे दिन निषादराज ने उन्हें अपनी नौका से गंगा पार पहुंचाया था। उन्होंने बताया कि श्रृंगवेरपुर धाम में निषादराज पार्क फेज-1 का कार्य उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लि. को दिया गया है।
प्रदेश के नोएडा में 15,950 करोड़ रुपये के निवेश से चार डाटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे। डाटा सेंटर पार्क में चार हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। वहीं सोशल मीडिया, बैंकिंग, खुदरा, स्वास्थ्य सेवा, यात्रा और पर्यटन से जुड़ा डाटा अब प्रदेश के डाटा सेंटर में ही संग्रहित हो सकेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कैबिनेट की बैठक में डाटा सेंटर पार्क के चार निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकभवन में कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021 के तहत चार डाटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे। एनआईडीपी डेवलेपर्स प्राइवेट लिमिटेड को गैर वित्तीय प्रोत्साहन, एनटीटी ग्लोबल डाटा सेंटर्स एंड क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्रा. लि, अडाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड परियोजना-01 और अडाणी इंटरप्राइजेज परियोजना-02 को वित्तीय एवं गैर वित्तीय प्रोत्साहन के तहत डाटा सेंटर स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश का अधिकांश डाटा दूसरे देशों में स्थित डाटा सेंटर्स में संग्रहित किया जाता है। नोएडा में चारा डाटा सेंटर स्थापित होने से सोशल मीडिया, बैंकिंग, खुदरा, स्वास्थ्य सेवा, यात्रा और पर्यटन सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ा डाटा प्रदेश के डाटा सेंटर में ही संग्रहित होगा। उन्होंने बताया कि डाटा सेंटर नीति के तहत सरकार ने 250 मेगा वॉट क्षमता का डाटा सेंटर उद्योग विकसित करने, 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने और 3 अत्याधुनिक निजी डाटा सेंटर पार्क्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने बताया कि नीति के तहत निवेशकों को पूंजी उपादान, ब्याज उपादान, भूमि क्रय के पट्टे की स्टांप ड्यूटी में नियमानुसार छूट दी जाएगी। बुंडेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्र में डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने पर अतिरिक्त रियायतें भी देने का प्रावधान है।
उधर, सीएम ने कहा कि रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में जनता ने जो विश्वास जताया है उस भरोसे पर खरा उतरना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को खासतौर पर रामपुर और आजमगढ़ में संचालित विकास परियोजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। कहा, दोनों जिलों का एक भी प्रस्ताव लंबित नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी इन दोनों जिलों में संचालित और लंबित विकास परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी। सीएम ने कहा कि आजमगढ़ का हरिहरपुर संगीत साधकों की पुरातन स्थली है। उन्होंने हरिहरपुर में संगीत जगत के प्रतिष्ठित कलाकारों से परामर्श कर कला-संगीत साधकों के लिए आवश्यक परियोजना का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रामपुर की बिलासपुर चीनी मिल का सुदृढ़ीकरण का कार्य भी कराने के निर्देश दिए।