विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी ने दिया जवाब, मेडिकल कॉलेजों में तेज हुई भर्ती की प्रक्रिया
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेजों पर समुचित ध्यान न देने के विपक्ष के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। विधान परिषद में विपक्षी सदस्यों की ओर से उठाए गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 25-30 वर्षों से मेडिकल कॉलेजों में भर्तियां नहीं की गई थीं। हमारा इरादा प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का है।
विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान असंबद्ध सदस्य नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बांदा के मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं न होने का मामला उठाया। कहा कि मानक पूरे न कर पाने के कारण एमसीआई ने एडमीशन लेने की अनुमति नहीं दी है। इस पर चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण कुछ एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। भर्ती के लिए अभ्यावेदन लोक सेवा आयोग को भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम 29 नए मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहे हैं। बांदा के मेडिकल कॉलेज में ईसीजी और टीएमटी मशीनें काम कर रही हैं। हृदय रोगों की प्रारंभिक जांच की जा रही है। एमसीआई से बात की गई है कि प्रांतीय सेवा के डॉक्टरों को अनुभव के आधार पर असिस्टेंट व एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की उपाधि दी जाए।
'ग्रामीण क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से सेवा देने के लिए बॉन्ड भरवाया जा रहा'
उन्होंने कहा कि पढ़ाई करके निकलने वाले डॉक्टरों से ग्रामीण क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से सेवा देने के लिए बॉन्ड भरवाया जा रहा है। जितने उपकरण हैं, उनके लिए टेक्नीशियन की भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
लोक सेवा आयोग ने भर्ती की प्रक्रिया तेज की है। 7 नए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। बांदा के मेडिकल कॉलेज के बारे में जो चिंता व्यक्त की जा रही है, उन्हें जल्द दूर कर दिया जाएगा। कांग्रेस के दीपक सिंह और शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि कुछ और सूचना चाहिए, पर तब तक प्रश्नकाल का समय समाप्त हो गया।