बीएचयू में लाठीचार्ज मामले में योगी सख्त, मांगी रिपोर्ट, अखिलेश बोले-बातचीत से निकालें हल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बनारस हिंदू विश्व विद्यालय (बीएचयू) में छात्राओं के प्रदर्शन की कवरेज करने गए पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज की रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने वाराणसी के कमिश्नर से मांगी है। शनिवार देर रात छेड़खानी के विरोध में धरने पर बैठी छात्राओं को हटाने के लिए वाराणसी पुलिस ने बल प्रयोग किया था।
लाठीचार्ज की सूचना पाकर कवरेज के लिए बीएचयू पहुंचे पत्रकारों को भी पुलिस ने नहीं बख्शा और जमकर पिटाई की। पिटाई के बाद घायल पत्रकारों को पुलिस कर्मियों ने बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भी इलाज कराने के लिए नहीं जाने दिया।
इस मामले को लेकर लखनऊ में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडिल के जरिए सूचना दी कि पत्रकारों पर हुए हमले की रिपोर्ट वाराणसी के कमिश्नर से मांगी है।
उधर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार भी लगातार वाराणसी के कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और एडीजी विश्वजीत महापात्रा के संपर्क में हैं। एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री ने कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश बोले, बीएचयू में छात्रों पर लाठीचार्ज निंदनीय
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर कहा है कि बल से नहीं बातचीत से हल निकाले सरकार। बीएचयू में छात्रों पर लाठीचार्ज निंदनीय है। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं समाजवादी पार्टी ने इस मामले में आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वाराणसी भेजने का फैसला किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यह दल 25 सितंबर को वाराणसी पहुंचेगा।
इस दल में सपा के एमएलसी शतरुद्घ प्रकाश, रामवृक्ष सिंह यादव, लीलावती कुशवाहा, विधायक प्रभुनारायण सिंह, गीता सिंह, राहुल सिंह, दिग्विजय सिंह देव और राजकुमार जायसवाल को शामिल किया गया है। दिग्विजय सिंह देव 26 सितंबर को अखिलेश यादव को अपनी रिपोर्ट देंगे।