पीपीपी मॉडल पर जल्दी ही शुरू होगा काम
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प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर ट्रांसमिशन नेटवर्क का काम जल्द शुरू होगा।
ललितपुर में बजाज हिंदुस्तान की 1980 मेगावाट क्षमता की तापीय परियोजना से बिजली निकासी के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार कराने को बिडिंग प्रक्रिया शुरू करने को शासन ने हरी झंडी दे दी है।
यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन निजी सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग के जरिये ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार कराएगा।
कितना आएगा खर्च
765 केवी ललितपुर-(घाटमपुर-भोगनीपुर-बिल्हौर समूह)-आगरा लाइन और उससे संबंधित उपकेंद्रों के निर्माण पर लगभग 3000 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है।
भारत सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार राज्य सरकार ने प्रस्तावित ट्रांसमिशन परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर तैयार कराने का फैसला किया है।
ललितपुर बिजलीघर से 2015-16 में उत्पादन शुरू होने की संभावना के मद्देनजर 765 केवी ललितपुर-आगरा ट्रांसमिशन लाइन के लिए बिडिंग की प्रक्रिया शुरू करने की कवायद तेज हो गई है।
कब हुआ पारित
1 अगस्त को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ट्रांसमिशन परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर अमलीजामा पहनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी।
इसकी निगरानी का जिम्मा बतौर एम्पावर्ड कमेटी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एनर्जी टास्क फोर्स को सौंपा गया है। एम्पावर्ड कमेटी की मंगलवार को हुई बैठक में विकासकर्ता के चयन के लिए बिड प्रक्रिया शुरू करने को हरी झंडी दे दी गई।
एम्पावर्ड कमेटी ने बिड के रिक्वेस्ट फॉर क्वालीफिकेशन मसौदे को अनुमोदित कर दिया है।
बिडिंग के लिए स्पेशल परपज व्हीकल का गठन यूपी पावर कॉर्पोरेशन को करना है। आरईसी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स कंपनी लि. इसमें सलाहकार की भूमिका निभाएगा जबकि ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन को बिड प्रॉसेस कोऑर्डिनेटर बनाया गया है।
विकासकर्ताओं की ओर बिड प्रस्तावों का मूल्यांकन अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली बिड मूल्यांकन समिति करेगी।