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रेलवे अंडरपास : दो साल से अटका 50 मीटर का काम,
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रेलवे अंडरपास : दो साल से अटका 50 मीटर का काम, तीन विभागों के बीच में अटकी हजारों लोगों की सुविधा
गोमतीनगर को सीधे जनेश्वर मिश्र पार्क, शहीद पथ और पिपराघाट पुल से जोड़ने के लिए बन रहे रेलवे अंडरपास का काम तीन विभागों के अड़ंगे में फंसा है।
59.52 करोड़ रुपये के बजट में से 56.55 करोड़ खर्च होने के बाद भी दो साल में यहां बचा हुआ 50 मीटर काम नहीं हो पाया।
अंडरपास बनाने के लिए पुश ब्लॉक बनने के बाद भी इनको लगाया नहीं जा सका है। विभागों के अड़ंगे में हजारों लोगों की सुविधा अटकी हुई है। लोगों को पांच किमी तक घूमकर आना पड़ रहा है।
सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि हम अपना काम दो साल पहले ही पूरा कर चुके हैं। वहीं एलडीए अधिकारियों का कहना है कि एप्रोच रोड भी बनाई जा चुकी है।
उत्तर रेलवे लाइन के दिलकुशा-बाराबंकी प्रखंड के नीचे इस अंडरपास और एप्रोच रोड के काम में 95 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। अब केवल 50 मीटर का काम ही बाकी है।
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इस काम को रेलवे को करना है। रेलवे लाइन के नीचे पुश ब्लॉक तकनीक से अंडरपास तैयार किया जाना है। पुश ब्लॉक भी बनकर तैयार हो चुके हैं।
ये पुश ब्लॉक निर्माण की साइट पर मौजूद हैं। रेलवे अपनी क्रेन लगाकर इन पुश ब्लॉक को रेलवे लाइन के नीचे लगाकर काम को एक सप्ताह में खत्म कर सकता है। लेकिन, 2016 के बाद से यहां काम उसी तरह पड़ा है।
ब्लॉक मिले तो काम पूरा हो पाए
सेतु निगम के महाप्रबंधक अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दो साल से ब्लॉक की मांग रेलवे से की गई है। एक बार में यहां करीब 18 घंटे का ब्लॉक चाहिए, जिससे जरूरी काम पूरा हो सके। ऐसा दो से तीन दिन तक करना होगा। इतने लंबे समय तक ब्लॉक देने के लिए रेलवे अधिकारी तैयार नहीं हैं। इसकी वजह से यह काम भी पूरा नहीं हो पा रहा है।
पिपराघाट पूल चालू, अंडरपास नहीं बन पाया
करीब चार साल से रुका पड़ा पिपराघाट पुल भी इस बीच सेतु निगम चालू कर चुका है। इसके उलट इसी योजना को अधिक उपयोगी बनाने के लिए नजदीक बनने वाले अंडरपास को नहीं बनाया जा सका है। इस अंडरपास के बनने के बाद इस लिंक रोड को भी पिपराघाट पुल से जोड़ा जाना है।
...रेलवे का काम भी अनोखा
पिपराघाट पुल के सामने ही जहां अंडरपास को चौड़ा किए जाने की मांग चल रही है, उसी संकरे अंडरपास से सटाकर एक और संकरा अंडरपास बना दिया गया है। पुल बनने के बाद इस संकरे अंडरपास का निर्माण किया गया। वहीं पूर्व के अंडरपास को न चौड़ा किया गया और न जनेश्वर मिश्र पार्क के सामने के अंडरपास के काम को खत्म किया गया।
एलडीए से भी सेतु निगम को चाहिए बजट
अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि इस काम के लिए एलडीए से भी करीब 2.97 करोड़ रुपये का बजट लिया जाना है। इस बजट से अधूरे काम को पूरा किया जाएगा। इसकी मांग भी एलडीए से की गई है। हालांकि इस बजट को देने के लिए एलडीए अपनी सहमति पूर्व में ही दे चुका है।
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गोमतीनगर को सीधे जनेश्वर मिश्र पार्क, शहीद पथ और पिपराघाट पुल से जोड़ने के लिए बन रहे रेलवे अंडरपास का काम तीन विभागों के अड़ंगे में फंसा है।
59.52 करोड़ रुपये के बजट में से 56.55 करोड़ खर्च होने के बाद भी दो साल में यहां बचा हुआ 50 मीटर काम नहीं हो पाया।
अंडरपास बनाने के लिए पुश ब्लॉक बनने के बाद भी इनको लगाया नहीं जा सका है। विभागों के अड़ंगे में हजारों लोगों की सुविधा अटकी हुई है। लोगों को पांच किमी तक घूमकर आना पड़ रहा है।
सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि हम अपना काम दो साल पहले ही पूरा कर चुके हैं। वहीं एलडीए अधिकारियों का कहना है कि एप्रोच रोड भी बनाई जा चुकी है।
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उत्तर रेलवे लाइन के दिलकुशा-बाराबंकी प्रखंड के नीचे इस अंडरपास और एप्रोच रोड के काम में 95 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। अब केवल 50 मीटर का काम ही बाकी है।
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इस काम को रेलवे को करना है। रेलवे लाइन के नीचे पुश ब्लॉक तकनीक से अंडरपास तैयार किया जाना है। पुश ब्लॉक भी बनकर तैयार हो चुके हैं।
ये पुश ब्लॉक निर्माण की साइट पर मौजूद हैं। रेलवे अपनी क्रेन लगाकर इन पुश ब्लॉक को रेलवे लाइन के नीचे लगाकर काम को एक सप्ताह में खत्म कर सकता है। लेकिन, 2016 के बाद से यहां काम उसी तरह पड़ा है।
ब्लॉक मिले तो काम पूरा हो पाए
सेतु निगम के महाप्रबंधक अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दो साल से ब्लॉक की मांग रेलवे से की गई है। एक बार में यहां करीब 18 घंटे का ब्लॉक चाहिए, जिससे जरूरी काम पूरा हो सके। ऐसा दो से तीन दिन तक करना होगा। इतने लंबे समय तक ब्लॉक देने के लिए रेलवे अधिकारी तैयार नहीं हैं। इसकी वजह से यह काम भी पूरा नहीं हो पा रहा है।
पिपराघाट पूल चालू, अंडरपास नहीं बन पाया
करीब चार साल से रुका पड़ा पिपराघाट पुल भी इस बीच सेतु निगम चालू कर चुका है। इसके उलट इसी योजना को अधिक उपयोगी बनाने के लिए नजदीक बनने वाले अंडरपास को नहीं बनाया जा सका है। इस अंडरपास के बनने के बाद इस लिंक रोड को भी पिपराघाट पुल से जोड़ा जाना है।
...रेलवे का काम भी अनोखा
पिपराघाट पुल के सामने ही जहां अंडरपास को चौड़ा किए जाने की मांग चल रही है, उसी संकरे अंडरपास से सटाकर एक और संकरा अंडरपास बना दिया गया है। पुल बनने के बाद इस संकरे अंडरपास का निर्माण किया गया। वहीं पूर्व के अंडरपास को न चौड़ा किया गया और न जनेश्वर मिश्र पार्क के सामने के अंडरपास के काम को खत्म किया गया।
एलडीए से भी सेतु निगम को चाहिए बजट
अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि इस काम के लिए एलडीए से भी करीब 2.97 करोड़ रुपये का बजट लिया जाना है। इस बजट से अधूरे काम को पूरा किया जाएगा। इसकी मांग भी एलडीए से की गई है। हालांकि इस बजट को देने के लिए एलडीए अपनी सहमति पूर्व में ही दे चुका है।