पत्नी को पांच दिन तक कमरे में भूखा-प्यासा कैद रखा फिर हत्या की कोशिश
लखनऊ क्षेत्र में गाजीपुर के शक्तिनगर में पांच दिन से ससुराल के एक कमरे में कैद भूखी-प्यासी शालू मंगलवार दोपहर मौका पाकर छत के रास्ते से भाग निकली। घबराई शालू पड़ोसियों के पास पहुंची और आपबीती सुनाई तो सबके होश उड़ गए।
पड़ोसियों ने उसके मायके संपर्क किया। शालू की मां व परिवार के अन्य सदस्य घर पहुंचे और समझा-बुझाकर मामला शांत कराने की कोशिश की तो ससुरालवालों ने उनके साथ मारपीट की। इसी बीच शालू के पति राहुल सिंह ने रसोई गैस के सिलेंडर का पाइप खोलकर पत्नी को फूंकने की कोशिश की।
पीड़िता अपनी मां के साथ गाजीपुर थाना पहुंची और ससुरालवालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इंस्पेक्टर नागेंद्र चौबे का कहना है कि कार्रवाई की जा रही है।
शालू ने बताया कि वह गोंडा के नवाबगंज की है। पिता दिनेश सिंह की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। दो साल पहले प्रतिष्ठित कार कंपनी के शोरूम में नौकरी करने वाले राहुल से उसकी शादी हुई थी। ससुरालवाले दहेज को लेकर प्रताड़ित कर रहे थे।
बेटी पैदा करने पर बढ़ गई प्रताड़ना
छह महीने पहले उसने बेटी को जन्म दिया तो प्रताड़ना और बढ़ गई। उसे घर से निकलने नहीं दिया जाता था। कभी एक वक्त का खाना दिया जाता तो कभी दो-दो दिन भूखा रखा जाता। ससुरालवालों ने मोबाइल फोन भी छीन लिया। पांच दिन पहले सास चंद्रावती, ननद नीलम और पति ने मिलकर उसे कमरे में बंद कर दिया।
उसे खाना दिया न ही पानी। मंगलवार दोपहर ससुरालवाले किसी रिश्तेदार के घर गए थे। तभी किसी तरह वह दरवाजा खोलकर छत पर पहुंची और भाग निकली। बदहवास हालत में वह पड़ोस की एक परिचित के घर पहुंची और आपबीती सुनाई।
पड़ोसन ने अपने मोबाइल फोन से शालू की मां निर्मला से बात कराई। बेटी की आपबीती सुनते ही निर्मला के होश उड़ गए। वह आनन-फानन परिवारीजनों को लेकर शक्तिनगर पहुंच गईं। शालू ने घर पर रहने से मना कर दिया तो निर्मला उसे अपने साथ गोंडा ले जाने लगी।
इस पर ससुरालवालों ने झगड़ा शुरू कर दिया। विरोध पर निर्मला व उनके परिवारीजनों की पिटाई की। शालू ने रोकने की कोशिश की तो राहुल उसे घसीटकर किचन में ले गया और रसोई गैस के सिलेंडर का पाइप हटाकर आग लगाने की कोशिश की। किसी तरह शालू को बचाकर परिवारीजन गाजीपुर थाना पहुंचे और पुलिस को पूरा प्रकरण बताया।