लोकभवन के सामने बेटी सहित आत्मदाह करने वाली महिला की मौत के पीछे का ये है पूरा सच
शुक्रवार को लखनऊ के लोकभवन के सामने अमेठी के जामो थाना क्षेत्र की महिला व उसकी बेटी ने मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली थी। जिसमें मां 80 प्रतिशत तो बेटी करीब 40 फीसदी झुलस गई थी। बुधवार सुबह महिला की लखनऊ के सिविल अस्पताल में मौत हो गई जबकि बेटी का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
महिला व उसकी बेटी ने अमेठी जिला प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था नवीन अरोरा के मुताबिक मां-बेटी का गांव में कुछ लोगों से नाली का विवाद था। इसे लेकर मारपीट हुई थी। बेटी की तहरीर पर जामो थाने में मारपीट व छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया था।
मां-बेटी ने वहां की पुलिस व प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार शाम को लोकभवन के सामने पहुंचकर अपने शरीर में आग लगा ली और सड़क पर दौड़ने लगीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों की जान बचाई और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां महिला की मौत हो गई।
मां-बेटी का आरोप था कि एसडीएम ने जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर की गई शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके कारण दबंग लगातार प्रताड़ित करते आ रहे हैं। दबंगों के कारण वे अपने परिवार के साथ घर छोड़ने को मजबूर हैं।
आत्मदाह के लिए उकसाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि एआईएमआईएम के अमेठी जिलाध्यक्ष कदीर खान व कांग्रेस नेता अनूप पटेल ने दोनों को आत्मदाह के लिए उकसाया था। इस काम में महिला का एक रिश्तेदार आसमा व बेटा सुल्तान भी शामिल था। पुलिस ने कदीर को अमेठी व आसमा को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। लखनऊ व अमेठी में कोतवाल समेत सात पुलिसवालों को निलंबित भी किया गया है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि उकसाने वाले चारों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज किया गया है। कांग्रेसी नेता मोबाइल फोन बंद करके फरार है। उसकी व सुल्तान की तलाश में दबिश दे रही है।
प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर वहां तैनात दरोगा विजय कुमार, मुख्य आरक्षी इंद्रजीत, महिला आरक्षी ज्योत्सना और वंदना को निलंबित करके जांच की जा रही है। जबकि मां-बेटी की शिकायत की अनदेखी करने के आरोप में अमेठी के एसपी ने जामो कोतवाल, हल्का दरोगा व बीट हेड कांस्टेबल को शुक्रवार देर रात निलंबित कर दिया।