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दाखिले हुए नहीं कैसे मिलेगा शिक्षकों को वेतन

Thu, 04 Jul 2019 01:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jul 2019 01:33 AM IST
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without admissions how can get teacher's salary
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दाखिले हुए नहीं, कैसे मिलेगा शिक्षकों को वेतन
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम बंद होने का खामियाजा संविदा पर तैनात शिक्षकों को भी भुगतना पड़ सकता है। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों पर लविवि कोई खर्च नहीं करेगा। इस साल गृहविज्ञान, सोशल वर्क और एमएससी के कई सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में दाखिले ही नहीं हुए हैं। इसलिए फीस भी नहीं आएगी। इन विभागों में पांच साल के अनुबंध पर कई शिक्षक रखे गए हैं। ऐसे में इन शिक्षकों का वेतन देने में भी विभाग की स्थिति नहीं है।
विश्वविद्यालय की परास्नातक काउंसलिंग 29 जून को समाप्त हो चुकी है। काउंसलिंग के बाद सोशल वर्क सेल्फ फाइनेंस, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन सेल्फ फाइनेंस, एमएससी प्लांट साइंस, एमएससी टोटल क्वालिटी मैनेजमेंट, एमए डिफेंस स्टडीज, एमए होमसाइंस, एमएससी रिन्यूबल एनर्जी, एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स और एमएससी फॉर्मास्यूटिकल केमिस्ट्री के पाठ्यकमों में कुल सीट के मुकाबले 60 फीसदी दाखिले पूरे नहीं हो सके। इसलिए इन पाठ्यक्रमों को इस साल के लिए बंद कर दिया गया। इनमें से ज्यादातर पाठ्यक्रम पिछले साल तक संचालित थे। इसलिए इनमें पांच साल की संविदा पर शिक्षक रखे गए हैं। इन शिक्षकों को 30 हजार से लेकर 40 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। कई पाठ्यक्रमों के बंद होने से इन शिक्षकों का वेतन कैसे निकाला जाए, यह सवाल खड़ा हो रहा है। लविवि के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष भी इस मामले को लेकर कुलपति के पास पहुंच रहे हैं। बहरहाल इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
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इसी साल बदला गया है संचालन का नियम
लविवि ने सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों के संबंध में नियम इसी साल बदले हैं। पिछले साल तक कुल सीट के 40 फीसदी सीट भरने पर कोर्स का संचालन किया जाता था। इस साल यह नियम 60 फीसदी का हो गया है। कई कोर्स तो केवल इसी वजह से बंद हो गए हैं।
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जल्द ही होगा फैसला
जो पाठ्यक्रम बंद हुए हैं अभी उनकी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही इन पर कुछ कहा जा सकता है। इस पर जल्द ही कोई फैसला किया जाएगा।
प्रो. एनके पांडेय
प्रवक्ता, लविवि
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