गाय के साथ क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, गोहत्या करने वालों की जगह जेल में: मुख्यमंत्री योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गायों के साथ क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यूपी में गोहत्या करने वालों की जगह जेल में है। यूपी से गोमांस के निर्यात की बात को सरासर झूठ बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने अवैध स्लॉटर हाउस बंद कराए हैं। गोतस्करी बंद कराई, लेकिन जगह-जगह गाय-बछड़े छुट्टे छोड़ दिए गए हैं, उनसे किसानों और आम जनता को परेशानी हो रही है। इस समस्या का समाधान समाज के जागरूक लोगों की पहल से ही हो सकेगा।
मुख्यमंत्री रविवार को निराला नगर में विश्व हिंदू परिषद के गोरक्षा विभाग की ओर से आयोजित अखिल भारतीय गोरक्षा आंदोलन समिति के पहले अधिवेशन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक-एक बड़ी गोशाला खोलेगी।
इनका संचालन आम जनता की समितियां करेंगी। इनमें 75 हजार से एक लाख गायों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए काम करेंगे। पहले चरण में 25 जिलों में गोशाला के लिए सर्वे पूरा हो गया है। दूसरे चरण में भी इतनी ही गोशालाएं खोली जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने गाय के महत्व के प्रति जनता को जागरूक करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि गोरक्षा के लिए काम कर रहे संगठनों को स्थानीय स्तर पर कमेटियां बनानी चाहिए। उनमें समाज के लोगों की सहभागिता होनी चाहिए। एक गाय के साथ एक परिवार को जोड़ेंगे तो प्रदेश में 22 करोड़ गोवंश की रक्षा कर सकते हैं।
गोसंरक्षण व गोउत्पादों के लिए बनेंगे रिसर्च सेंटर
मुख्यमंत्री ने कहा कि एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स ने 45 हजार हेक्टेयर जमीन को भू-माफिया से कब्जे से मुक्त कराया है। जमीन के बड़े बड़े टुकड़े कब्जे से मुक्त कराए गए हैं। गोचर भूमि को अलग से चिह्नित किया जा रहा है। इन पर गोसंरक्षण व गोउत्पादों के लिए रिसर्च सेंटर बनाए जाएंगे। नई तकनीक के साथ नस्ल सुधार के कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमूत्र व गोबर से उपयोगी औषधियां व वस्तुएं बनाना व उनका प्रचार-प्रसार भी आवश्यक है। इससे पहले उन्होंने ‘समर घोष’ पत्रिका का विमोचन भी किया।
गाय, गंगा और गायत्री को बचाना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति को बचाना है तो गाय, गंगा, गायत्री, तुलसी को बचाना होगा। इनका ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करना होगा। गोरक्षा की बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकार मदद करेगी, लेकिन बाकी काम तो गोरक्षा संगठनों और जनसहभागिता से करना होगा।
गाय को प्लास्टिक खाने के लिए न छोड़ें
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में चौराहे पर दो-चार गायें बैठी मिल जाएंगी, उन्हें किसी ने तो पाला होगा, किसी ने तो उनका दूध निकाला होगा। गाय को प्लास्टिक खाने या दूसरे की फसल का नुकसान करने के लिए खुला न छोड़ें। इन्हें घर में रखें या स्थानीय स्तर पर एक गोशाला बनाकर वहां रखें। अब नई तकनीक आ गई है जिससे गाय केवल बछिया को ही जन्म देगी।
गोसंरक्षण को जैविक खेती से जोड़ें
योगी ने कहा कि रासायनिक खादों के दुष्परिणाम के बाद देश में जैविक खेती का प्रचलन बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जैविक खेती पर ध्यान दे रहे हैं। गोपालन और गोसंरक्षण को जैविक खेती से जोड़ने से दोनों कामों में मदद मिलेगी। यूपी सरकार भी जैविक खेती को बढ़ावा देना चाहती है।
मांस के निर्यात में आई कमी : सावला
विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष हुकुमचंद सावला ने कहा कि पिछली यूपीए सरकार ने 22 लाख 50 हजार टन मांस का निर्यात किया था। गाय और भैंस के मांस का बीफ के नाम से निर्यात कर आंकड़े जारी किए गए। मोदी सरकार ने गाय और भैंस के मांस को अलग-अलग किया। जिन देशों से पहले का अनुबंध है, उसके आधार पर अभी 15 लाख 25 हजार टन मांस निर्यात हो रहा है। विहिप का प्रयास है कि सरकार इसे धीरे-धीरे कम कर समाप्त कर दे।
अवसाद मिटाती, बीमारी भगाती है गाय
सावला ने कहा कि गाय के बीच रहने से अवसाद समाप्त होता है। अमेरिका में काऊयार्ड थैरेपी चल रही है। गाय के गोबर में पालिबॉलिश नामक बैक्टीरिया होता है, जो स्वाइन फ्लू और चिकनगुनिया का वायरस नहीं आने देता है। स्मार्ट सिटी के नाम पर गायों को शहर से बाहर किया जा रहा है, उसके दुष्परिणाम चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू और डेंगू जैसी बीमारियों के रूप में सामने आ रहे हैं।
दूध न देने वाली गाय भी उपयोगी
सावला ने कहा कि जो गाय दूध नहीं देती या जो बैल खेती के काम नहीं आता, वह भी जीवन के लिए उपयोगी है। जो गाय दूध नहीं देती, वह गोबर देती है, गोमूत्र देती है, ऑक्सीजन छोड़ती है, इसलिए गाय को जीवित रखना आवश्यक है।
इसलिए यूपी में अधिवेशन
सावला ने बताया कि राष्ट्रीय गोरक्षा आंदोलन समिति का काम गोतस्करी रोकना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, इसलिए अधिवेशन यूपी में किया गया।