यूपी बना कोरोना का नया हब : कब्रिस्तान और अस्पतालों में लगी लाइनें हैं सबूत, जानें इसकी वजह
अस्पतालों और कब्रिस्तानों के बाहर की कतारें बता रही हैं कि उत्तर प्रदेश अब कोरोना के संक्रमण के विस्फोट का सामना कर रहा है। ऐसे में सरकार के साथ ही प्रदेश के हर व्यक्ति की यह कोशिश होनी चाहिए कि किसी भी तरह इस पर काबू पाया जाए। इसके लिए आपको उन कारणों को जानना होगा जिन्होंने एक बार फिर सभी को चिंता में डाल दिया है।
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उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण स्थिति भयावह होती जा रही है। बुधवार को 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आए तो वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी संक्रमित हो गए। संक्रमितों की तादात लगातार बढ़ती जा रही है। हालत ये हो गई है कि लखनऊ जैसे अति व्यस्त शहर में सड़कों पर तो गिनती के वाहन ही नजर आ रहे हैं पर अस्पतालों में भीड़ उमड़ रही है, मरीजों को बेड नसीब नहीं हो रहे हैं। श्मसान व कब्रिस्तान में शवों को जलाने के लिए परिजन अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। आइए जानें, क्या हैं वो कारण जिनसे कोरोना संक्रमण यूपी में भयावह रूप लेता जा रहा है।
कोरोना प्रोटोकॉल का ईमानदारी से पालन न करना
कोरोना संक्रमण बढ़ने का एक कारण कोरोना प्रोटोकाल का ईमानदारी से पालन न करना भी है। प्रदेश के बाजारों में लोग बिना मास्क के घूमते नजर आ रहे हैं तो दुकानों में सामान खरीदते समय सोशल डिस्टेंसिंग का बिल्कुल भी पालन नहीं कर रहे हैं और इसलिए संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। लोग मास्क भी ठीक से नहीं पहन रहे हैं। कुछ लोग तो बस गले में इसे लटका लेते हैं और मास्क पहनने के दायित्व को पूरा मान लेते हैं।
प्रवासी मजदूरों की वापसी और उनका कोई रिकॉर्ड न होना
कोरोना के कारण काम धंधा ठीक से चल रही रहा है इसलिए मजदूर भी वापस अपने गांव घर लौट रहे हैं। ये मजदूर किन राज्यों से वापस आ रहे हैं और गांव में कहां वापस जा रहे हैं, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। यहां तक कि पिछले वर्ष गांवों में उन्हें क्वारंटीन करने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है।
धार्मिक आयोजन भी बन रहा एक कारण
कोरोना संक्रमण का एक कारण लगातार हो रहे धार्मिक आयोजन भी बन रहे हैं। नवरात्र चल ही रहे हैं जिसके कारण लोग मंदिर जा रहे हैं। जहां निगरानी करने की कोई व्यवस्था नहीं है। मंदिरों में भीड़ नजर आ रही है। इसके अलावा, हरिद्वार में चल रहे कुंभ में लाखों लोग डुबकियां लगा रहे हैं। इतनी भीड़ भरी जगह से वापस लौट रहे लोग कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आकर आगे खुद संक्रमण फैला रहे हैं।
जिस तरह से प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है उसे देखते हुए अब स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। इस कारण से संक्रमित व्यक्ति ये जानते हुए भी कि वो कोराना से प्रभावित है यहां से वहां भटकता रहता है और उसके संपर्क में आने वाले लोग इससे प्रभावित होते हैं।
पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान भी हो सकती है एक वजह
पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है। ऐसे में बहुत से ऐसे प्रत्याशी हैैं, जो कोविड गाइडलाइन का ध्यान नहीं रख रहे हैं और वोटरों को लुभाने के लिए हर संभव कोशिश में लगे हुए हैं। उनके यह प्रयास कई बार कोविड नियमों की अनुरूप नहीं होते हैं। महामारी के दौरान चुनावों का आयोजन, इसे फैलने का एक और मौका दे रहा है।