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स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को क्यों न दिया जाए मुआवजा?, विद्युत नियामक आयोग ने पूछा
Wed, 26 Aug 2020 05:22 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 26 Aug 2020 05:22 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
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जन्माष्टमी पर बिजली संकट झेलने वाले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मुआवजा मिल सकता है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा दिया जाए? जिनकी बिजली 24 घंटे के अंदर जुड़ी, उन्हें 100 रुपये तथा जिनकी 24 घंटे बाद जुड़ी उन्हें 50 रुपये अतिरिक्त मुआवजा प्रस्तावित किया गया है।
प्रदेश में 12 अगस्त को बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली गुल होने के मामले में आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह, सदस्य केके शर्मा व वीके श्रीवास्तव की पूर्ण पीठ ने बिजली कंपनियों की दलीलों को खारिज करते हुए प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा प्रस्तावित कर दिया है। इस संबंध मेें आयोग ने बिजली कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
साथ ही निदेशक (वाणिज्य) की ओर से जवाब भेजे जाने पर कड़ा एतराज जताया है। आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन के एमडी को आड़े हाथों लेते हुए भविष्य में उन्हें ही जवाब देने को कहा है। आयोग ने अपने आदेश में कहा, जिन लगभग 1.58 लाख उपभोक्ताओं की बिजली बाधित हुई थी, उन्हें मुआवजा क्यों न दिया जाए? आयोग 3 सितंबर को इस मामले में सुनवाई करके अंतिम फैसला करेगा।
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आयोग ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय सुनवाई के बाद करने का संकेत दिया है।उपभोक्ता परिषद ने किया स्वागत : राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग की पहल का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय कदम बताया है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होने तक उपभोक्ता परिषद चुप नहीं बैठेगी।
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प्रदेश में 12 अगस्त को बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली गुल होने के मामले में आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह, सदस्य केके शर्मा व वीके श्रीवास्तव की पूर्ण पीठ ने बिजली कंपनियों की दलीलों को खारिज करते हुए प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा प्रस्तावित कर दिया है। इस संबंध मेें आयोग ने बिजली कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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साथ ही निदेशक (वाणिज्य) की ओर से जवाब भेजे जाने पर कड़ा एतराज जताया है। आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन के एमडी को आड़े हाथों लेते हुए भविष्य में उन्हें ही जवाब देने को कहा है। आयोग ने अपने आदेश में कहा, जिन लगभग 1.58 लाख उपभोक्ताओं की बिजली बाधित हुई थी, उन्हें मुआवजा क्यों न दिया जाए? आयोग 3 सितंबर को इस मामले में सुनवाई करके अंतिम फैसला करेगा।
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आयोग ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय सुनवाई के बाद करने का संकेत दिया है।उपभोक्ता परिषद ने किया स्वागत : राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग की पहल का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय कदम बताया है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होने तक उपभोक्ता परिषद चुप नहीं बैठेगी।