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किसने और कहां से दिया गलत कमांड, अधिकृत था भी या नहीं?, बिजली गुल होने के मामले में जांच शुरू
Sat, 15 Aug 2020 11:59 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 15 Aug 2020 11:59 AM IST
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फाइल फोटो
बिना सूचना के सर्वर से एक साथ बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटरों की सप्लाई बंद करने का कमांड कैसे दे दिया गया? जिसने ऐसा किया वह इसके लिए अधिकृत था भी या नहीं? किसने गलत क मांड दिया और उसका स्रोत कहां था?
12 अगस्त को जन्माष्टमी के दिन प्रदेश में बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की बिजली गुल होने के मामले की जांच कर रही एसटीएफ व मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी की अध्यक्षता वाली समिति के सामने इन सवालों के जवाब तलाशने की बड़ी चुनौती है।
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह शक्ति भवन स्थित नियंत्रण कक्ष से स्मार्ट मीटर सिस्टम से जुड़ी जानकारियां जुटा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शुरुआती पड़ताल में स्मार्ट मीटर सिस्टम की निगरानी करने वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) व एलएंडटी के लोग भी नहीं बता पाए कि आखिर इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?
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अभी तक यही साफ नहीं हो पा रहा है कि गलत कमांड किसने दिया। सूत्रों का कहना है कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन के आला अधिकारियों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब प्रदेश में बिजली के क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर सुधार की प्रक्रिया चल रही है तो विभागीय अधिकारी निजी कंपनी या किसी दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर कैसे बच सकते हैं?
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12 अगस्त को जन्माष्टमी के दिन प्रदेश में बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की बिजली गुल होने के मामले की जांच कर रही एसटीएफ व मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी की अध्यक्षता वाली समिति के सामने इन सवालों के जवाब तलाशने की बड़ी चुनौती है।
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एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह शक्ति भवन स्थित नियंत्रण कक्ष से स्मार्ट मीटर सिस्टम से जुड़ी जानकारियां जुटा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शुरुआती पड़ताल में स्मार्ट मीटर सिस्टम की निगरानी करने वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) व एलएंडटी के लोग भी नहीं बता पाए कि आखिर इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?
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अभी तक यही साफ नहीं हो पा रहा है कि गलत कमांड किसने दिया। सूत्रों का कहना है कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन के आला अधिकारियों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब प्रदेश में बिजली के क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर सुधार की प्रक्रिया चल रही है तो विभागीय अधिकारी निजी कंपनी या किसी दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर कैसे बच सकते हैं?
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उपभोक्ताओं के हितों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। इस घटना के बाद पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) को स्मार्ट मीटर प्रणाली की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपते हुए भविष्य के लिए उनकी भी जवाबदेही तय कर दी गई है।
एसटीएफ व मध्यांचल के एमडी की जांच समिति ईईएसएल व एलएंडटी के लोगों से इस घटना से संबंधित सभी जानकारियां व तथ्य जुटा रही है। एसटीएफ जांच में तकनीकी विशेषज्ञों की मदद भी ले सकती है।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार का कहना है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली बंद होने की सभी पहलुओं पर जांच हो रही है। सोमवार तक जांच रिपोर्ट आने की संभावना है। इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किस स्तर से चूक हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ व मध्यांचल के एमडी की जांच समिति ईईएसएल व एलएंडटी के लोगों से इस घटना से संबंधित सभी जानकारियां व तथ्य जुटा रही है। एसटीएफ जांच में तकनीकी विशेषज्ञों की मदद भी ले सकती है।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार का कहना है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली बंद होने की सभी पहलुओं पर जांच हो रही है। सोमवार तक जांच रिपोर्ट आने की संभावना है। इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किस स्तर से चूक हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।