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Lucknow News: चलती एंबुलेंस का निकला पहिया, धू-धूकर जली दूसरी
Fri, 05 Jan 2024 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 05 Jan 2024 12:31 AM IST
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रायबरेली-डलमऊ। मरीज को एम्स ले जा रही एंबुलेंस का पहिया गुरुवार को बीच सड़क ही निकल गया। हादसे में मरीज व तीमारदार बाल-बाल बचे। वहीं, डलमऊ सीएचसी में सुबह एंबुलेंस अचानक आग का गोला बन गई। गनीमत रही कि घटना से 10 मिनट पहले ही प्रसूता को सीएचसी पहुंचा दिया गया था। इन हादसों के बाद एंबुलेंस का संचालन कर रही कंपनी के जिला प्रभारी से सीएमओ ने जवाब तलब कर लिया।
हर चंदपुर थाना क्षेत्र के पूरे बख्तावर निवासी महिला छेदना (70) को पेट दर्द होने पर जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे एम्स रेफर कर दिया गया। इस बीच एम्स से कुछ दूर पहले ही चलती एंबुलेंस का पिछला पहिया निकल गया। गनीमत रही कि लड़खड़ाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पलटी। सामने से किसी वाहन के न आने के कारण बड़ा हादसा भी टल गया। मरीज व तीमारदार भी बाल-बाल बचे। करीब आधे घंटे बाद दूसरी एंबुलेंस मंगवाकर छेदना को एम्स पहुंचाया गया।
डलमऊ सीएचसी में गुरुवार सुबह आठ बजे प्रसूता को लेकर एंबुलेंस पहुंची। अभी उसे भर्ती ही कराया जा रहा था कि सीएचसी परिसर में खड़ी एंबुलेंस धू-धूकर जल उठी। अभी लोग कुछ समझ पाते कि वह अचानक स्टार्ट होकर सीएचसी अधीक्षक के कक्ष में लगी एसी से टकरा गई, जिससे एसी भी जल उठी। आग की लपटों के बीच चलती एंबुलेंस को देखकर मरीज और तीमारदार घबरा गए। हालांकि एसी व दीवार से टकराने के बाद एंबुलेंस बंद हो गई। बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया जा सका।
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चालक-एमटी को लखनऊ ले गए
आग लगने के बाद टेक्निकल टीम जांच के लिए पहुंची। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रथम दृष्टया शाॅट सर्किट से आग की पुष्टि हुई। यहां बता दें कि जली एंबुलेंस बुधवार को ही मरम्मत के बाद वापस आई थी। ऐसे में 108 के जिला प्रभारी आशुतोष श्रीवास्तव ने जांच के बाद एंबुलेंस चालक प्रांशू तिवारी और मेडिकल टेक्नीशियन वीरेंद्र कुमार को पूछताछ के लिए अपने साथ लखनऊ ले गए।
जिले में 84 एंबुलेंस, 12 नई
जिले में 102 की 40 और 108 की 44 एंबुलेंस हैं। पिछले महीने कंडम हो चुकी 12 एंबुलेंस को वापस कर दिया गया था। इसके बाद 12 नई एंबुलेंस मिलीं। पहले से काम कर रही अन्य एंबुलेंस भी मरम्मत ठीक से न होने के कारण बेदम हो रही हैं। इसी कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
एंबुलेंस का संचालन कर रही कंपनी के जिला प्रभारी से जवाब मांगा गया है। डलमऊ में शॉट सर्किट से एंबुलेंस में आग लगी है। लापरवाही के कारण एम्स के पास एंबुलेंस का पहिया निकला है। जवाब के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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हर चंदपुर थाना क्षेत्र के पूरे बख्तावर निवासी महिला छेदना (70) को पेट दर्द होने पर जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे एम्स रेफर कर दिया गया। इस बीच एम्स से कुछ दूर पहले ही चलती एंबुलेंस का पिछला पहिया निकल गया। गनीमत रही कि लड़खड़ाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पलटी। सामने से किसी वाहन के न आने के कारण बड़ा हादसा भी टल गया। मरीज व तीमारदार भी बाल-बाल बचे। करीब आधे घंटे बाद दूसरी एंबुलेंस मंगवाकर छेदना को एम्स पहुंचाया गया।
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डलमऊ सीएचसी में गुरुवार सुबह आठ बजे प्रसूता को लेकर एंबुलेंस पहुंची। अभी उसे भर्ती ही कराया जा रहा था कि सीएचसी परिसर में खड़ी एंबुलेंस धू-धूकर जल उठी। अभी लोग कुछ समझ पाते कि वह अचानक स्टार्ट होकर सीएचसी अधीक्षक के कक्ष में लगी एसी से टकरा गई, जिससे एसी भी जल उठी। आग की लपटों के बीच चलती एंबुलेंस को देखकर मरीज और तीमारदार घबरा गए। हालांकि एसी व दीवार से टकराने के बाद एंबुलेंस बंद हो गई। बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया जा सका।
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चालक-एमटी को लखनऊ ले गए
आग लगने के बाद टेक्निकल टीम जांच के लिए पहुंची। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रथम दृष्टया शाॅट सर्किट से आग की पुष्टि हुई। यहां बता दें कि जली एंबुलेंस बुधवार को ही मरम्मत के बाद वापस आई थी। ऐसे में 108 के जिला प्रभारी आशुतोष श्रीवास्तव ने जांच के बाद एंबुलेंस चालक प्रांशू तिवारी और मेडिकल टेक्नीशियन वीरेंद्र कुमार को पूछताछ के लिए अपने साथ लखनऊ ले गए।
जिले में 84 एंबुलेंस, 12 नई
जिले में 102 की 40 और 108 की 44 एंबुलेंस हैं। पिछले महीने कंडम हो चुकी 12 एंबुलेंस को वापस कर दिया गया था। इसके बाद 12 नई एंबुलेंस मिलीं। पहले से काम कर रही अन्य एंबुलेंस भी मरम्मत ठीक से न होने के कारण बेदम हो रही हैं। इसी कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
एंबुलेंस का संचालन कर रही कंपनी के जिला प्रभारी से जवाब मांगा गया है। डलमऊ में शॉट सर्किट से एंबुलेंस में आग लगी है। लापरवाही के कारण एम्स के पास एंबुलेंस का पहिया निकला है। जवाब के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ