लखनऊ व आसपास के इलाकों में करीब तीन डिग्री तक चढ़े पारे ने लोगों को गलन से मामूली राहत दी है पर ठंड के तेवर अभी यूं ही बरकरार रहेंगे। गुरुवार को भी सुबह करीब साढ़े आठ बजे ही धूप निकलने से लोगों को ठिठुरन से निजात मिली।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बीते दिनों सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते बर्फीली उत्तर पछुआ हवाओं का असर कुछ कमजोर हुआ है। जिसके कारण तापमान में बदलाव देखा जा रहा है। गलन भरी ठंड के तेवर अभी बरकरार रहेंगे। सुबह के समय लखनऊ व आसपास मध्यम से घना कोहरा पड़ सकता है।
इसे लेकर मौसम विभाग ने किसानों को भी सलाह दी है। मौसम विभाग ने पाला से बचाव के लिए कहा कि सब्जियों के खेत में उचित नमी बनाए रखने के लिए लगातार अंतराल पर हल्की सिंचाई करें। देर से बोए आलू में सिंचाई कर दें और बोआई के 25 दिन बाद 87-108 किग्रा यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करके मिट्टी चढ़ाएं। वर्तमान तापमान स्नोबोल किस्म की फूलगोभी, बंदगोभी और ब्रोकली की तैयार पौध की रोपाई के लिए अनुकूल है। प्याज की रोपाई के लिए 7-8 सप्ताह पुरानी पौध का प्रयोग करें।
कोहरे ने बढ़ाई मुश्किल, गलन से राहत नहीं
अंबेडकरनगर जिले में लगातार निकल रही तेज धूप के बावजूद गलन कम नहीं हो रही है। लगातार बढ़ती ठंड का सबसे अधिक प्रभाव आर्थिक रूप से कमजोरों पर पड़ रहा है। उचित व्यवस्था न होने से उन्हें रात गुजारने में मुश्किल उठानी पड़ रही है। इस बीच अब भी जिला मुख्यालय पर ही सभी चिह्नित स्थानों पर अलाव नहीं जल सका है। इससे राहगीरों को ठंड के चलते विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, प्रतिदिन छाने वाले कोहरे से फूल वाली फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि इसी प्रकार से कोहरे का प्रकोप आगे भी जारी रहा तो इससे दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान हो सकता है।
अमेठी में शीतलहर से रुका सड़क मरम्मत कार्य
पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद अमेठी जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर क्षेत्र के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। ठंड के चलते उतेलवा-अढनपुर बाईपास मार्ग का 8.75 करोड़ रुपये से पिछले सप्ताह शुरू हुआ निर्माण कार्य बंद कर दिया गया है। काम बंद होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बाराबंकी: खिली धूप, गलन से मामूली राहत
तीन दिन से हो रही भीषण ठंड के बाद बुधवार सुबह निकली धूप ने लोगों को कुछ राहत दी। गुनगुनी धूप के साथ ही आंशिक बादलों की आवाजाही रही। वहीं, शाम ढलते ही फिर ठंड बढ़ गई। हवा की रफ्तार में कमी आने के बाद बुधवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि रिकार्ड की गई।
बीते कई दिन से कोहरे व शीतलहरी के चलते लोग भीषण ठंड का सामना कर रहे थे। बुधवार को हवा की रफ्तार में कमी आई। मामूली पारा चढ़ने व दिन में धूप खिलने से थोड़ी राहत मिली। पछुआ हवाओं की सुस्ती से यह असर दिखा। हालांकि शाम होने के साथ ही शहर फिर गलन भरी ठंड के आगोश में आ गया। दिन की शुरुआत कहीं मध्यम तो कहीं घने कोहरे से हुई। दोपहर में गुनगुनी धूप के साथ आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही रही, लेकिन शाम ढलने के बाद गलन भरी ठंड फिर ठिठुराने लगी।
प्रयागराज में मौसम का मिजाज हर दिन बदल रहा है। तापमान में उठापटक जारी है, पर ठंड बरकरार है। बुधवार को दिन में धूप खिली पर बर्फीली हवाओं से कंपकंपी बनी रही। शाम को छाई धुंध संग सर्दी का प्रकोप बढ़ गया। देर रात हाईवे पर कोहरे के कारण दृष्यता कम हो गई। वाहन रेंगते रहे।