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Weather of UP: अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में भी बनी है उमस भरी गर्मी, वैज्ञानिकों ने बताई वजह, बदलेगा मौसम
Mon, 28 Oct 2024 07:17 AM IST
रोहित मिश्र
विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ
विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 28 Oct 2024 07:17 AM IST
सार
अक्तूबर का महीना बीतने को है। बावजूद इसके प्रदेश में अभी गुलाबी ठंड का आगमन नहीं हो सका है। मौसम विभाग ने इसकी असल वजह बताई है।
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Weather of UP
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अक्तूबर बीतने को है और गुलाबी मौसम नदारद है। दोपहर में असामान्य रूप से गर्मी हो रही है। सुबह-शाम की हवा में सिहरन तो है, लेकिन दोपहर की उमस भरी गर्मी लोगों को सता रही है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बीते हफ्ते बंगाल की खाड़ी में उठे दाना चक्रवात के असर से राजधानी में भी पुरवइया चल रही है। पुरवइया हवा में मौजूद नमी इस उमस भरी गर्मी की मुख्य वजह है।
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रविवार को दोपहर की धूप और गर्मी से लोग परेशान रहे। मौसम के उतार-चढ़ाव, दिन में धूप और सुबह-शाम चलने वाली हवा से होने वाली सिहरन लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही है। बदलते मौसम के प्रति संवेदनशील लोग सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
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ये है अक्तूबर के गर्मी के तेवर की वजह
मौसम
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर की धूप, पुरवइया हवा की नमी और बादलों की मौजूदगी की वजह से वातावरण में गर्मी ट्रैप हो जा रही है। इससे वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी का आभास हो रहा है। साथ ही वातावरण में नमी की मौजूदगी से रात के न्यूनतम तापमान में स्वाभाविक गिरावट नहीं हो पा रही है। अगले तीन-चार दिनों में प्रदेश में पछुआ हवाएं चलेंगी जिससे तापमान में गिरावट होगी और हवा में गुलाबी ठंडक घुलेगी।
पिछले पांच वर्षों में 27 अक्तूबर को न्यूनतम तापमान
2020 14.6 डिग्री सेल्सियस
2021 15.7 डिग्री सेल्सियस
2022 16.4 डिग्री सेल्सियस
2023 16.5 डिग्री सेल्सियस
2024 22.3 डिग्री सेल्सियस
2021 15.7 डिग्री सेल्सियस
2022 16.4 डिग्री सेल्सियस
2023 16.5 डिग्री सेल्सियस
2024 22.3 डिग्री सेल्सियस