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Lucknow News: मौसम ने ली अंगड़ाई, कोहरे के चादर में लिपटी तराई
Mon, 04 Nov 2024 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 04 Nov 2024 01:07 AM IST
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श्रावस्ती। तराई में सामान्य रहा मौसम का मिजाज अचानक रविवार को बदल गया। सुबह से छाए कोहरे की चादर सुबह करीब 10 बजे तक रही। इस दौरान अचानक बदली छा जाने के कारण पूरे दिन सूरज का दीदार भी नहीं हुआ। ऐसे में जहां धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, रबी की बोआई को लेकर किसान व कृषि विभाग इसे शुभ संकेत मान रहा है।
जिले में अब तक मौसम का मिजाज पूरी तरह से सामान्य था। दिन में निकलने वाली धूप दीपावली बाद भी लोगों को रात में सोने के लिए पंखे का सहारा लेना पड़ रहा था। ऐसे में जिन किसानों ने धान की फसल काट ली थी, उन्हें मड़ाई करने में सुविधा हो रही थी। शनिवार शाम से चल रही पछुआ हवाओं के कारण रविवार सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह हुआ कोहरा सुबह 10 बजे तक रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 डिग्री व न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहा।
इस बीच अचानक बदली छा जाने से जहां लोगों को गुलाबी ठंड का अहसास हुआ। वहीं बदली देख धान की मड़ाई की तैयारी कर रहे किसानों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। किसानों का मानना है कि यदि बरसात हुई तो न सिर्फ धान की मड़ाई बाधित होगी, बल्कि फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है।
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रबी की फसल की बोआई को होगा फायदा
किसान केशवराम बताते हैं जिले में निकलने वाली चिलचिलाती धूप व गर्मी के कारण खेतों की नमी तेजी से सूखने लगी थी। ऐसे में जहां गेहूं की बुआई के लिए खेतों में पलेवा करना पड़ता, वहीं पैसे की बर्बादी के साथ ही बोआई भी पिछड़ जाती, जिससे राहत मिलेगी। किसान रामधीरज बताते हैं कि हमने सरसों की बोआई कर ली है। ऐसे ही धूप व गर्मी रहती तो अंकुरण प्रभावित होता। कोहरे व बदरी के कारण नमी बनी रहेगी, जिससे अंकुरण तेजी से होगा। किसान जगराम बताते हैं कि अभी धान की मड़ाई व गेहूं के खेत तैयार कर बोआई करने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा। ऐसे में मौसम में बदलाव का फायदा मिलेगा।
प्रदूषण के कारण छा रही धुंध
दीपावली में हुई आतिशबाजी से प्रदूषण के कारण कुछ धुंध अधिक लग रही है। अभी दो-चार दिन बाद ही मौसम का सही अनुमान लग पाएगा। फिलहाल इस मौसम से न तो फसलों को किसी भी तरह का फायदा है और न ही नुकसान है।
- अनिल प्रसाद मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी
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जिले में अब तक मौसम का मिजाज पूरी तरह से सामान्य था। दिन में निकलने वाली धूप दीपावली बाद भी लोगों को रात में सोने के लिए पंखे का सहारा लेना पड़ रहा था। ऐसे में जिन किसानों ने धान की फसल काट ली थी, उन्हें मड़ाई करने में सुविधा हो रही थी। शनिवार शाम से चल रही पछुआ हवाओं के कारण रविवार सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह हुआ कोहरा सुबह 10 बजे तक रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 डिग्री व न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहा।
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इस बीच अचानक बदली छा जाने से जहां लोगों को गुलाबी ठंड का अहसास हुआ। वहीं बदली देख धान की मड़ाई की तैयारी कर रहे किसानों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। किसानों का मानना है कि यदि बरसात हुई तो न सिर्फ धान की मड़ाई बाधित होगी, बल्कि फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है।
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रबी की फसल की बोआई को होगा फायदा
किसान केशवराम बताते हैं जिले में निकलने वाली चिलचिलाती धूप व गर्मी के कारण खेतों की नमी तेजी से सूखने लगी थी। ऐसे में जहां गेहूं की बुआई के लिए खेतों में पलेवा करना पड़ता, वहीं पैसे की बर्बादी के साथ ही बोआई भी पिछड़ जाती, जिससे राहत मिलेगी। किसान रामधीरज बताते हैं कि हमने सरसों की बोआई कर ली है। ऐसे ही धूप व गर्मी रहती तो अंकुरण प्रभावित होता। कोहरे व बदरी के कारण नमी बनी रहेगी, जिससे अंकुरण तेजी से होगा। किसान जगराम बताते हैं कि अभी धान की मड़ाई व गेहूं के खेत तैयार कर बोआई करने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा। ऐसे में मौसम में बदलाव का फायदा मिलेगा।
प्रदूषण के कारण छा रही धुंध
दीपावली में हुई आतिशबाजी से प्रदूषण के कारण कुछ धुंध अधिक लग रही है। अभी दो-चार दिन बाद ही मौसम का सही अनुमान लग पाएगा। फिलहाल इस मौसम से न तो फसलों को किसी भी तरह का फायदा है और न ही नुकसान है।
- अनिल प्रसाद मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी