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युवाओं को रोजगार देना ही हमारा लक्ष्य: राजनाथ सिंह

Sun, 27 Dec 2015 07:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 27 Dec 2015 07:43 PM IST
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We would provide jobs for youth says rajnath Singh.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार हर नौजवान को रोजगार देने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए पूरे देश में स्किल इंडिया प्रोग्राम चलाया जा रहा है, जिसके बेहतर नतीजे सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार काम मिलने से ही देश खुशहाल हो सकता है।

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ये विचार केंद्रीय गृहमंत्री सिंह ने अमौसी में अक्षय पात्र फाउन्डेशन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में रखे। यह संस्था यूपी समेत 10 राज्यों में आठवीं तक के विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध करा रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि हमारे देश में पौष्टिक भोजन के अभाव में अभी भी बड़ी तादाद में बच्चे बीमार होते हैं। इसके चलते ही लोग समय से पहले बूढ़े हो जाते हैं।
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स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर अक्षय पात्र फाउन्डेशन बड़े ही पुण्य का काम कर रहा है। उनकी इच्छा है कि वर्ष 2020 तक फाउन्डेशन के माध्यम से एक करोड़ बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिया जाए। इसके लिए वह भी हरसंभव मदद देने को तैयार हैं।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के मौके उपलब्ध कराना भी बेहद जरूरी है। भविष्य को लेकर आश्वस्त होने पर ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास हो सकता है। अक्षय पात्र फाउन्डेशन के अध्यक्ष मधु पंडित दास ने कहा कि वर्ष 2000 में यह योजना शुरू की गई थी।

2020 तक 50 लाख बच्चों को भोजन देने का लक्ष्य

We would provide jobs for youth says rajnath Singh.

इस समय देश में 15 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन दे रहे हैं और इस संख्या को 2020 तक 50 लाख करने की योजना है। अक्षयपात्र की एक रसोई की स्थापना में 16 करोड़ रुपये की लागत आती है।

उन्होंने कहा कि जिस तेजी से अर्थव्यवस्था विकास कर रही है, उससे उम्मीद है कि 2035 तक इस योजना की जरूरत ही नहीं रह जाएगी। इस मौके पर सांसद कौशल किशोर भी मौजूद रहे।

4.70 रुपये लेकर 8 रुपये लागत का भोजन दे रही संस्था
अक्षय पात्र फाउन्डेशन के उपाध्यक्ष चंचला पति दास ने बताया कि यूपी में एक बच्चे को मध्यान्ह भोजन देने में आठ रुपये की लागत आ रही है, जबकि राज्य सरकार से 4.70 रुपये ही प्रति बच्चा मिलता है। बाकी धनराशि दानदाताओं से जुटाई जा रही है।

अक्षय पात्र की इस पहल के चलते लखनऊ और वृंदावन में मध्यान्ह भोजन पाने वाले बच्चों की सेहत में काफी सुधार देखा जा रहा है। विगत 25 दिसंबर को राजधानी में अक्षय पात्र की रसोई चलते हुए एक साल पूरा हो गया। इस रसोईघर से 758 स्कूलों में 74 हजार बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिया जा रहा है। वर्ष 2020 तक लखनऊ में 5 लाख बच्चों तक पहुंचने की योजना है।

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