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यूपी: 102 एंबुलेंस के संचालन का रास्ता साफ
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 27 Dec 2013 08:41 PM IST
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गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए प्रदेश में संचालित होने वाली 102 एंबुलेंस का रास्ता साफ हो गया है।
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इस एंबुलेंस सेवा का भी जिम्मा 108 एंबुलेंस का संचालन कर रही जीवीके-ईएमआरआई कंपनी को ही मिल गया है।
शुक्रवार को खोली गई फाइनेंशियल बिड में जीवीके कंपनी ने बाजी मार ली है।
इसके तहत 1972 एंबुलेंस प्रदेश के सभी 75 जनपदों में चलाई जाएंगी। 108 की ही तर्ज पर प्रदेश में 102 एंबुलेंस सेवा शुरू की जा रही है। यह एंबुलेंस केवल गर्भवती महिलाओं व बीमार बच्चों को अस्पताल लाने व ले जाने के लिए चलाई जाएगी।
मोबाइल व लैंडलाइन फोन से 102 नंबर डायल करने पर यह एंबुलेंस सेवा मुफ्त मुहैया कराई जाएगी। यह एंबुलेंस सेवा भी प्रदेशवासियों को 24 घंटे उपलब्ध होगी।
इस एंबुलेंस के चल जाने के बाद 108 पर भी पड़ रहा बोझ भी कम हो जाएगा।
102 एंबुलेंस सेवा में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने व प्रसव के बाद उन्हें अस्पताल से घर तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इस सेवा के संचालन के लिए प्रदेश सरकार ने 22 अक्टूबर 2013 को टेंडर आमंत्रित किए थे।
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इसमें तीन कंपनियों जीवीके-ईएमआरआई, डॉ. जैन विडियोज व जिगित्जा हेल्थ केयर कंपनी ने टेंडर डाले थे। डॉ. जैन विडियोज कंपनी टेक्निकल राउंड में ही बाहर हो गई।
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इसके बाद जीवीके-ईएमआरआई व जिगित्जा हेल्थकेयर कंपनी ही बची थीं। शुक्रवार को इस टेंडर की फाइनेंशियल बिड खोली गई।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रवीर कुमार की मौजूदगी में खुले इस टेंडर में जीवीके-ईएमआरआई कंपनी ने सबसे कम प्राइज कोट किए थे। अब इस मामले की फाइल मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी।
वहां से फाइनल होने के बाद एक हफ्ते के भीतर कंपनी को लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी कर दिया जाएगा।
एलओआई स्वीकार करने के एक माह के भीतर ही कंपनी को सरकार के साथ करार पर हस्ताक्षर करने होंगे। यह करार पांच साल के लिए होगा।