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Lucknow News: अधूरे संसाधन के साथ लाइन ठीक कर रहे संविदाकर्मी की करंट से मौत, प्रदर्शन
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परशुराम की फाइल फोटो।
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लखनऊ। कल्याणपुर उपकेंद्र क्षेत्र में जगरानी हॉस्पिटल के पास शुक्रवार देर रात करीब 1:30 बजे 33 केवी लाइन की मरम्मत के दौरान संविदा लाइनमैन परशुराम रावत (45) करंट की चपेट में आ गए। पोल से नीचे गिरने के कारण सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने शनिवार सुबह 11 बजे रिंग रोड इंदिरानगर (सेक्टर 25) स्थित पावर हाउस पर शव रखकर तीन घंटे तक प्रदर्शन किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात जेई धर्मेंद्र ने शटडाउन तो लिया, लेकिन मौके पर जाने के बजाय उपकेंद्र पर ही रुके रहे। जब परशुराम जंपर जोड़ने के लिए सीढ़ी के सहारे पोल पर चढ़े, तो अचानक लाइन में करंट आ गया, जिससे वे सड़क पर जा गिरे।
मुआवजे और नौकरी का आश्वासन
प्रदर्शन के बाद विभाग हरकत में आया। सहायक अभियंता अमितेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है कि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट कैसे आया। विभाग की ओर से तात्कालिक सहायता के रूप में 1.50 लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि 7.50 लाख रुपये बीमा राशि के तौर पर दिलाने का वादा किया गया है। मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का भी आश्वासन दिया है। मृतक के परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा हैं।
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी
पिछले एक साल से प्रबंधन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कर्मियों को सुरक्षा का सामान देकर प्रशिक्षण दे रहा, मगर उपकेंद्र के जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। परशुराम ने हेलमेट तो लगाया था, मगर सुरक्षा बेल्ट नहीं बांधी थी। बेल्ट बांधी होती तो करंट के झटके से नीचे नहीं गिरते।
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घटना से आक्रोशित परिजनों ने शनिवार सुबह 11 बजे रिंग रोड इंदिरानगर (सेक्टर 25) स्थित पावर हाउस पर शव रखकर तीन घंटे तक प्रदर्शन किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात जेई धर्मेंद्र ने शटडाउन तो लिया, लेकिन मौके पर जाने के बजाय उपकेंद्र पर ही रुके रहे। जब परशुराम जंपर जोड़ने के लिए सीढ़ी के सहारे पोल पर चढ़े, तो अचानक लाइन में करंट आ गया, जिससे वे सड़क पर जा गिरे।
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मुआवजे और नौकरी का आश्वासन
प्रदर्शन के बाद विभाग हरकत में आया। सहायक अभियंता अमितेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है कि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट कैसे आया। विभाग की ओर से तात्कालिक सहायता के रूप में 1.50 लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि 7.50 लाख रुपये बीमा राशि के तौर पर दिलाने का वादा किया गया है। मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का भी आश्वासन दिया है। मृतक के परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा हैं।
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी
पिछले एक साल से प्रबंधन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कर्मियों को सुरक्षा का सामान देकर प्रशिक्षण दे रहा, मगर उपकेंद्र के जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। परशुराम ने हेलमेट तो लगाया था, मगर सुरक्षा बेल्ट नहीं बांधी थी। बेल्ट बांधी होती तो करंट के झटके से नीचे नहीं गिरते।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।

परशुराम की फाइल फोटो।