लखनऊ के इन इलाकों का पानी मत पीजिएगा
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लखनऊ के वजीरगंज मुर्ग खाना, मछली मोहाल और बाग शेरजंग इलाकों के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। इन इलाकों में संक्रामक रोग फैलने के 24 घंटे बाद सप्लाई किए गए पानी की जांच में 13 में से 10 नमूने फेल हो गए।
सभी नमूनों में क्लोरीन की मात्रा मानक से कम पाई गई। बृहस्पतिवार को इन इलाकों में 163 लोग दूषित पानी पीने से बीमार हो गए थे। इनमें 10 से अधिक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। शुक्रवार को यहां 95 नए मरीज मिले।
वजीरगंज क्षेत्र के मुर्ग खाना, मछली मोहाल और बाग शेरजंग में मरीजों का मिलना कम नहीं हुआ है। वहीं जल संस्थान की ओर से सप्लाई किए गए पानी में क्लोरीन मानक से कम मिली है।
इसी का नतीजा हुआ कि शुक्रवार को भी वहां दो बार में सीएमओ कंट्रोल रूम की टीम ने 95 लोगों की जांच की और उन्हें दवाएं बांटी। एक टीम ने सुबह प्रभावित मोहल्लों का दौरा करने के बाद 55 लोगों को दवाएं दीं।
पानी में बैक्टीरिया मिला तो होगी कार्रवाई
वहीं दूसरी टीम ने शाम को 40 मरीजों की जांच के बाद दवाएं बांटी। इसके अलावा मशकगंज के अजय, बासमंडी के सगीर, सिटी स्टेशन की शोएब खातून को राज्य संक्रामक रोग अस्पताल में उल्टी-दस्त के कारण भर्ती होना पड़ा। अस्पताल में डालीगंज के सत्य नारायण और खदरा की मुन्नी को भी डायरिया के कारण भर्ती कराया गया है।
सीएमओ एसएनएस यादव का कहना है, जांच में पानी के नमूने फेल हुए हैं। 13 में से 10 नमूनों में मानक से कम क्लोरीन पाया गया है।
इनमें से चार नमूनों की स्टेट लैब से जांच करायी जाएगी। यदि उसमें बीमारी फैलाने वाला बैक्टीरिया पाए गए तो जल संस्थान के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को लिखा जाएगा।