{"_id":"5c3ada48379abc8ea2c5eb62919dcfdb","slug":"water-of-gomti-get-red-and-brown-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंदगी और प्रदूषण से रंगीन हुआ गोमती का जल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंदगी और प्रदूषण से रंगीन हुआ गोमती का जल
विवेक त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 24 Sep 2014 02:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले से ही प्रदूषण की मार झेल रही गोमती की हालत पिछले पांच दिन में और खराब हो गई है। 19 सितंबर से गोमती का पानी लाल और भूरे रंग का हो रहा है।
विज्ञापन
जल संस्थान की जांच उजागर हुआ कि गंदे पानी की वजह से ऐशबाग और बालागंज वॉटर-वर्क्स के फिल्टर चोक हो रहे हैं। इससे न केवल खर्च बढ़ रहा बल्कि पानी का उचित शोधन नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
नगर निगम के जलकल विभाग के सचिव संजय कुमार ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव जे एस यादव को 20 सितंबर को बाकायदा पत्र लिखकर इस कचरे को रोकने की मांग की है।
विज्ञापन
साथ ही दोषी पाई जाने वाली इकाईयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी मांग की है। सचिव ने ट्रीटमेंट के बावजूद भी जलापूर्ति में लाल-भूरा रंग आने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने के कारण अप्रिय घटना होने की आशंका जताई है।
उन्होंने मछलियों की मरने की भी आशंका व्यक्त की है। नदी में यह गंदगी लखनऊ, सीतापुर और लखीमपुर के आसपास शुगर मिल, डिस्टिलरी और औद्योगिक इकाइयों से आ रही है।
संजय कुमार ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा महापौर दिनेश शर्मा, लखनऊ, सीतापुर और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों, नगर आयुक्त, एमडी जलकल को भी पत्र लिखा है।
उन्होंने बताया कि गऊघाट पम्पिंग स्टेशन से लाल-भूरे रंग का यह कच्चा पानी (रॉ वॉटर) शोधन (ट्रीटमेंट) के लिए ऐशबाग व बालागंज जलकल (वॉटर वर्क्स) को सप्लाई हो रहा है।
लाल-भूरे रंग के इस पानी को शोधन (ट्रीटमेंट) में दोनों ही जलकलों (वॉटर वर्क्स) के फिल्टर चोक हो रहे हैं। वहीं, इस दूषित और लाल-भूरे रंग के पानी को फिल्टर करने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल का खर्च भी काफी बढ़ गया है।
संजय कुमार ने आगाह किया कि पर्याप्त शोधन के बाद दोनों वॉटर वर्क्स से जिन इलाकों में जलापूर्ति होती है।
वहां की जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है जो किसी भी समय अप्रिय स्थिति पैदा होने का कारण बन सकती है।