वसीम रिजवी का दावा, शिया वक्फ संपत्तियों पर कट्टरपंथी सुन्नी मुसलमानों का कब्जा
उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सभी शिया वक्फ संपत्तियों पर सुन्नी किरायेदारों की किरायेदारी तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर शिया वक्फ बोर्ड ने प्रदेश के सभी मुतवल्ली व प्रबंध कमेटी को नोटिस जारी की है।
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी का कहना है कि शिया वक्फ की संपत्तियों पर देश के ऐसे कट्टरपंथी सुन्नी मुसलमान काबिज हैं जो देश के संविधान तक को नहीं मानते। ऐसे सुन्नी जो जेहाद पर आस्था रखते हैं।
शिया समुदाय के धार्मिक सिद्धांतों का आदर नहीं करते। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं, लेकिन शिया वक्फ संपत्ति पर अपनी किरायेदारी दर्ज कराए हैं।
उनका कहना है कि ऐसे सुन्नी मुसलमान जो राष्ट्र के लिए खतरा है। वे शिया वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा खतरा बन सकते हैं। इनकी गतिविधियों से देश की अखंडता व एकता को बड़ा खतरा हो सकता है।
बोर्ड चेयरमैन वसीम ने ऐसे राष्ट्र विरोधी सुन्नी समुदाय के कट्टरपंथी मुस्लिम किरायेदारों की शिया वक्फ संपत्तियों से किरायेदारी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर, वक्फ के मुतवल्ली व प्रबंध कमेटियां बोर्ड को तीन माह के अंदर अवगत कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
शिया वक्फ संपत्तियों पर सुन्नी कट्टरपंथियों के अवैध कब्जे
शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी के मुताबिक प्रदेश में पिछले एक साल में शिया वक्फ संपत्तियों पर 222 अवैध कब्जे के मामले बोर्ड में दर्ज कराए गए जिसमें 180 मामले अवैध रूप से सुन्नी मुसलमानों के हैं।
वक्फ सुरक्षा को लेकर उठाया कदम
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने बताया कि वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के साथ राष्ट्र सुरक्षा के मददेनजर बोर्ड बैठक में सदस्यों द्वारा उठाए गए मुददों पर समस्त बोर्ड ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है।