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बीबीएयूः गर्ल्स हॉस्टल के दरवाजों पर चिपकाए कमेंट लिखे अश्लील पोस्टर, वीडियो वायरल

Fri, 29 Nov 2019 12:23 PM IST
ishwar ashish अक्षय कुमार/अमर उजाला, लखनऊ
अक्षय कुमार/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 29 Nov 2019 12:23 PM IST
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vulger posters put on the doors of girls Hostel in BBAU
बीबीएयू
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में नया विवाद सामने आया है। विवि के महिला छात्रावास में छात्राओं के कमरे के बाहर अश्लील पोस्टर व कमेंट लिखकर चिपका दिए गए। विवि प्रशासन को जानकारी तब हुई जब इसका वीडियो वायरल हुआ।
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विश्वविद्यालय पोस्टर चिपकाने वाली छात्राओं को पकड़ने की जगह उन छात्राओं को चिह्नित करने में लगा है जिनके मोबाइल से यह वीडियो फारवर्ड किया गया है। पिछले दिनों छात्रावास के तीसरे तल पर रहने वाली छात्राएं सुबह उठीं तो देखा कि उनके कमरे के बाहर अश्लील पोस्टर लगे हैं।
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कुछ छात्राओं ने इसका वीडियो भी बनाया। इसमें कई छात्राएं कमरे से बाहर निकलते व ब्रश लेकर आते-जाते दिख रही हैं। वीडियो मिलने के बाद छात्रावास के अधिकारियों ने छात्राओं के कमरों, मोबाइल की चेकिंग की। कुछ छात्राओं के कमरे से आपत्तिजनक सामग्री मिली, लेकिन इस पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विवि प्रशासन मामले को निपटाने में लगा है। वीडियो फारवर्ड करने वाली छात्रा को ढूंढा जा रहा है।
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खंगाले जा रहे मोबाइल

vulger posters put on the doors of girls Hostel in BBAU
प्रतीकात्मक तस्वीर
वरिष्ठ प्रोफेसर की अध्यक्षता वाली समिति मामले की जांच कर रही है। हालांकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, छात्राओं का कहना है कि उनके मोबाइल चेक किए जा रहे हैं और चैट तक पढ़ी जा रही है। इसके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई व घरवालों को सूचित करने की भी बात कही जा रही है।

वहीं, विश्वविद्यालय असली आरोपियों को पकड़ने की जगह छात्र-छात्राओं से मिलने आने वालों पर सख्ती कर रहा है। विद्यार्थियों के अनुसार आगंतुकों को छात्रावास में नहीं आने देने से उन्हें बाहर मुलाकात करनी पड़ रही है, जबकि निर्देश हैं कि निर्धारित शुल्क देकर वार्डेन की अनुमति से आवश्यकतानुसार अभिभावक आगंतुक कक्ष में रुक भी सकते हैं।

मामला संवेदनशील है, इसलिए जांच में समय लग रहा है। ऐसी हरकत करने वालों पर ठोस कार्रवाई होगी। पोस्टर लगाने वाले को देखा नहीं गया, इसलिए मोबाइल चेकिंग की जा रही है। विश्वविद्यालय को बदनाम करने की कोशिश है। - डॉ. रचना गंगवार, पीआरओ, बीबीएयू
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