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विवेक तिवारी हत्याकांड: दूसरे सिपाही ने पहली बार बतायी उस रात की कहानी, बन सकता है सरकारी गवाह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 15 Oct 2018 07:43 AM IST
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क्राइम सीन रिक्रिएट करते एसएसपी व अन्य अधिकारी
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गोमतीनगर के विवेक तिवारी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस ने बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को शनिवार देर शाम जेल से लाकर क्राइम सीन के रीक्रिएशन के साथ रात भर पूछताछ की।
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रिमांड की अवधि पूरी होने से पहले रविवार सुबह दोनों को जेल पहुंचा दिया गया। इस दौरान संदीप खुद को बेगुनाह बताकर रोता रहा और अफसरों को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी।
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उसके सरकारी गवाह बनने के आसार नजर आ रहे हैं। गोसाईंगंज की अहिमामऊ पुलिस चौकी में दोनों को अलग-अलग कमरों में रखकर पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की।
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प्रशांत चौधरी ने आत्मरक्षार्थ पिस्टल निकालने और अचानक गोली चलने की कहानी सुनाई, जबकि संदीप कुमार अफसरों से सामना होते ही रोने लगा। खुद को बेकसूर बताते हुए बोला कि पहली बार प्रशांत के साथ ड्यूटी पर निकला था।
एसयूवी से बाइक की टक्कर होने पर वह भी गिर गया था। संभला और माजरा समझ ही रहा था कि प्रशांत चौधरी के पिस्टल से फायर हुआ। एसयूवी तेजरफ्तार से भागी और आगे अंडरपास के पिलर से जा टकराई। उसने अफसरों को विस्तार से घटनाक्रम बताने के साथ रहम की गुहार लगाई।
रात को ट्रैक पर ड्यूटी, दिन में परीक्षा की तैयारी
संदीप कुमार ने बताया कि साल भर पहले डकैतों की धरपकड़ के लिए बने दस्ते में शामिल हुआ था। दरअसल, तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने रेलवे ट्रैक पर गश्त करने वाले दस्ते को छह-सात घंटे ड्यूटी के बाद दिन में आराम की छूट दी थी। संदीप बोला कि वह रात को ड्यूटी करके दिन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। कुछ दिनों पहले पुलिस उपनिरीक्षक की परीक्षा दी थी। खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि वह 28 सितंबर की रात थाने पहुंचा तो मुंशी ने उसे प्रशांत चौधरी के साथ गश्त ड्यूटी पर रवाना किया था। प्रशांत के बताए रास्तों पर बाइक दौड़ाता रहा और देर रात वारदात हो गई।