विवेक हत्याकांड: बार-बार बदल रहे चश्मदीद के बयान से उठ रहे कई सवाल
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विवेक तिवारी की हत्या की एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी और उसकी पूर्व सहकर्मी बार-बार अपने बयान बदल रही है। उसके बयानों के आधार पर पुलिस कोई निष्कर्ष निकालने की कोशिश करती, इससे पहले ही दूसरा बयान सामने आ जाता है।
इससे साफ है कि वह कन्फ्यूज है या डरी हुई हैं। या फिर कोई उस पर बयान बदलने का दबाव डाल रहा है। दो दिन पहले उसने पुलिस से डर लगने की बात कही थी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूर्व सहकर्मी को उसके घर पर ही महिला सिपाहियों की नजरबंदी में रखा गया है। अधिकारी घंटों उसकी काउंसलिंग कर रहे हैं। हो सकता है कि उस पर केस से हटने या उल्टे-सीधे बयान देने का दबाव डाला जा रहा हो। इस मामले में पुलिस की आरोपियों के प्रति नरमी और उन्हें बचाने के लिए कई तरह की साजिशों का खुलासा पहले ही हो चुका है।
पहले कहा- चल रही थी कार, रीक्रिएशन में बोली, सड़क किनारे खड़ी थी
पूर्व सहकर्मी ने रीक्रिएशन के दौरान कार के सड़क किनारे खड़ी होने की बात कही। यह बयान पहले दिए गए बयानों से अलग था। वारदात के बाद उसने मीडिया को दिए बयान में कहा था कि विवेक उसे कार से घर छोड़ने जा रहा था, तभी घटना हुई। उस वक्त उसने कार के काफी धीमी गति से चलने की बात कही थी।
अब तक कह रही थी गोली विंड स्क्रीन से सटाकर मारी
अब तक पूर्व सहकर्मी कह रही थी कि सिपाही ने गोली कार की विंड स्क्रीन से सटाकर मारी थी। हालांकि, मंगलवार को क्राइम सीन के रीक्रिएशन के दौरान वह अपनी ही बात से पलट गई। उसने कार से सिपाही की पोजीशन करीब 10 फीट दूर बताई।
बाइक सवार सिपाही पीछे से आए या सामने से की एंट्री
पूर्व सहकर्मी अब तक सिपाहियों की बाइक पीछे से आने की बात कह रही थी। कहा था कि सिपाही पीछे से आए और ड्राइविंग सीट की तरफ कार के पहिये के ठीक सामने अपनी बाइक खड़ी कर दी। उन्होंने ऐसा इस तरह किया कि कार आगे न बढ़ सके। हालांकि, क्राइम सीन के रीक्रिएशन के दौरान उन्होंने सिपाहियों की बाइक सामने की दिशा से आने की बात कही।
इसके बाद बाइक भी कार से करीब चार फीट आगे खड़ी कराई। बाइक की हेडलाइट उसी दिशा में थी, जहां से वह आई थी। यही नहीं पूर्व सहकर्मी ने डिवाइडर या ऊंचाई से गोली मारने वाली बात भी बदल दी। उसने कहा था कि बाइक में टक्कर लगने के बाद विवेक अपनी कार पीछे करके आगे निकले तो कार के दायीं तरफ खड़ा सिपाही उछलकर डिवाइडर पर चढ़ गया। उसने वहीं खडे़ होकर फायर कर दिया। उनकी यह बात पोस्टमार्टम विशेषज्ञों के ऊंचाई से गोली मारे जाने की बात को पुष्ट कर रही थी।