धर्मसभा के बाद छह दिसंबर के लिए विहिप ने बनाया खास प्लान, तोगड़िया भी बनाएंगे माहौल
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छह दिसंबर को हमेशा शौर्य दिवस के रूप में मनाती आ रही विश्व हिंदू परिषद इस बार प्रदेश में कहीं हवन तो कहीं सभाएं कर श्रीराम मंदिर निर्माण की मांग दोहराएगी। इसके पहले 25 नवंबर को धर्मसभा भी विहिप की देखरेख में ही आयोजित की गई थी।
उधर, विहिप से अलग हो चुके डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के संगठन अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद (अहिप) ने बृहस्पतिवार को जिलों में जिलाधिकारियों के कार्यालय पर महाआरती कर इस मांग को उठाने का फैसला किया है।
अहिप कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालयों पर भगवान हनुमान की आरती और हनुमान चालीसा का पाठ कर मंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करेंगे।
महाआरती के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्यपाल राम नाईक को ज्ञापन भेजकर मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग करेंगे।
समान नागरिक संहिता ही लागू कर दे मोदी सरकार
अहिप के प्रांत संगठन मंत्री वेद सचान ने कहा, महाआरती के दौरान यह सवाल भी उठाया जाएगा कि राम मंदिर निर्माण का मामला सर्वोच्च न्यायालय में होने से मोदी सरकार की चुप्पी समझ में आती है लेकिन सुप्रीम कोर्ट से पांच बार निर्देश देने के बावजूद समान नागरिक संहिता लागू करने पर मौन रहने की क्या वजह है ?
मोदी सरकार कम से कम समान नागरिक संहिता को ही लागू कर दे तो हिंदुओं को उस पर भरोसा हो जाए।
अहिप यह मांगें भी उठाएगी
सचान ने बताया कि ज्ञापन में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने, समान नागरिक संहिता लागू करने, अधिग्रहीत किए जा चुके मठ-मंदिरों को हिंदू समाज को वापस करने और इन पर आ रहे चढ़ावे को मंदिरों के विकास पर ही व्यय करने सहित बांग्लादेशी व रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर निकालने की मांगें भी शामिल होंगी।
बताया कि महाआरती का कानपुर में वह खुद नेतृत्व करेंगे। लखनऊ में अशोक सेंगर, हरदोई में अंकुर अवस्थी, सीतापुर में गणेश त्रिपाठी, गोंडा में इंद्रबली, बाराबंकी में संजय तिवारी को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है।