तीन तलाक के विरोध पर बीवी को लात-घूंसों से पीटकर अधमरा किया
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तीन तलाक के मुद्दे पर देश भर में चल रही बहस के बीच बहराइच में शीबा (22) नामक महिला को शौहर के एकतरफा तीन तलाक की मुखालफत करना महंगा पड़ गया।
सुलह को लेकर रिश्तेदार के घर चल रही बातचीत के बीच ही कोतवाली देहात क्षेत्र के बंजारी मोड़ निवासी शौहर साहिबे आलम और उसके परिवारीजनों ने लात-घूंसों से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। यही नहीं विरोध पर शीबा के वालिद को भी नहीं बख्शा।
शीबा को नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आलम और शीबा का निकाह छह महीने पहले ही हुआ था। पुलिस ने पति और ससुर समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
शीबा के पिता अब्दुल वहीद के मुताबिक साहिबे आलम फर्नीचर का काम करता है। साहिबे आलम 50 हजार रुपये और बाइक की डिमांड कर रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि उसका अवैध संबंध एक अन्य युवती से भी है। इसका शीबा विरोध करती थी। इसी के चलते उसका उत्पीड़न किया जा रहा था। विवाद को सुलझाने के लिए शहर के मोहल्ला नाजिरपुरा में सब रिश्तेदार के यहां जमा थे। इसी बीच साहिबे आलम ने तीन बार तलाक बोल दिया।
पांच तक चलेगा पर्सनल लॉ बोर्ड का हस्ताक्षर अभियान
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का हस्ताक्षर अभियान पांच नवंबर तक चलेगा। अभियान के तेजी पकड़ने से उत्साहित होकर बोर्ड ने इसे पांच दिन और बढ़ाने का निर्णय किया है। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में अब तक 30 हजार से ज्यादा फॉर्म जमा हो चुके हैं। यह सिलसिला अब भी जारी है।
केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक को औरतों के अधिकारों के खिलाफ बताकर हलफनामा दाखिल करने और समान नागरिक संहिता लागू करने की कोशिशों के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 14 अक्तूबर को हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था।
इसकी शुरुआत ऐशबाग ईदगाह स्थित दारुल उलूम फरंगी महल में जुमे की नमाज के बाद की गई थी। अभियान के तहत मुसलमान फॉर्म पर अपना नाम, पता लिख कर और हस्ताक्षर करके इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में जमा कर रहे हैं। बोर्ड ने इसकी अंतिम तिथि 30 अक्तूबर तय की थी।
'एक लाख से ज्यादा फॉर्म बांटे जा चुके हैं'
बोर्ड कार्यकारिणी के सदस्य एवं ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान में मुसलमानों की भागीदारी को देखते हुए हमने अभियान को पांच नवंबर तक चलाने का फैसला किया है।
कहा कि लोग पांच नवंबर तक अभियान में शामिल होकर शरीयत में दखलंदाजी के खिलाफ फॉर्म भर सकेंगे। उन्होंने बताया कि शहर में अब तक एक लाख से ज्यादा फॉर्म बांटे जा चुके हैं। प्रत्येक फॉर्म में अधिकतम 7 लोग अपना ब्यौरा दे सकते हैं।
हस्ताक्षर अभियान के मुख्य बिन्दु
1- हम इस्लामी शरीयत के तमाम आदेशों विशेषकर निकाह, तलाक, खुला, फस्ख, विरासत के दीनी आदेश से पूरी तरह से सहमत हैं। इसमें किसी तरह के बदलाव की जरूरत या गुंजाइश से इन्कार करते हैं।
2- भारत में हर धर्म के मानने वाले को अपने धर्म पर अमल करने की पूरी आजादी भारतीय संविधान ने दी है, इसलिए हमें किसी भी सूरत में समान नागरिक संहिता कुबूल नहीं है।
3- हम शरीयत के कानून की सुरक्षा में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ हैं।