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बैकुंठ धाम पर कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन, मरीजों के दाह संस्कार के बाद खुले में फेंक रहे पीपीई किट
Fri, 24 Jul 2020 03:07 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 24 Jul 2020 03:07 PM IST
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बैकुंठ धाम में खुले में पड़ी पीपीई किट और मास्क।
- फोटो : amar ujala
कोरोना प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन बैकुंठ धाम पर हो रहा है। कोविड मरीजों के दाह संस्कार के लिए पहनी गई पीपीई किट, मास्क व दस्ताने को खुले में फेंककर संक्रमण को बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम-स्वास्थ्य विभाग के अफसर लापरवाह बने हुए हैं। जबकि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत यह सामान एक बैग में भरकर रखा जाना चाहिए।
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बॉयामेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने वाली एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए। बैकुंठ धाम के विद्युत शव दाह गृह पर रोजाना दो से चार कोविड मरीजों का दाह संस्कार होता है। शव को एंबुलेंस से उतारने वाले कर्मचारी पीपीई किट, मास्क व दस्ताने पहने रहते हैं। बॉडी को विद्युत शव दाह गृह तक पहुंचाने के बाद कर्मचारी पीपीई किट, मास्क व ग्लव्स को बगल में खुले में फेंक रहे हैं।
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एक दो नहीं बल्कि पचास से अधिक पीपीई किट, मास्क समेत अन्य कोविड बॉडी में इस्तेमाल किया सामान पड़ा हुआ है। यह लापरवाही भैसाकुंड में आने वाले लोग व राहगीरों को भारी पड़ सकती है। अफसरों का कहना है कि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत यह डिस्पोजल सामान पीले बैग में पैक करके सुरक्षित रखा जाने का नियम है। इसे खुले में फेंकने से संक्रमण फैलेगा।
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घरवालों से मंगाई जा रही किट
विद्युत शवदाह गृह के कर्मचारी कोविड बॉडी को जलाने से पहले घरवालों से पीपीई किट, मास्क व अन्य सामान मंगा रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग के जरिए पीपीई किट समेत अन्य सामान दाह संस्कार में लगे कर्मचारियों को मुहैया कराया जा रहा है। इसे लेकर शिकायत भी की जा चुकी है। बावजूद अफसर मामले को दबाए हुए हैं।
विद्युत शवदाह गृह में बॉडी के जलाने के लिए नगर निगम की ओर से शुल्क तय किया गया है। आरोप है कि वहां पर लगे कर्मचारी मनमानी करते हुए लोगों से दो हजार रुपये तक शुल्क वसूल ले रहे हैं। हालांकि शव दाह संस्कार के लिए आने वाले परेशान लोग मजबूरी में शुल्क दे रहे हैं।
निस्तारण के लिए भेजा जाएगा पत्र
लाशों के जलाने के बाद पहनी गई पीपीई किट समेत अन्य सामान को खुले में फेंका जाना गलत है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। नगर निगम को सही तरीके से निस्तारण के लिए पत्र भेजा जाएगा। - डॉ. केपी त्रिपाठी, कोरोना नोडल अफसर
विद्युत शवदाह गृह में बॉडी के जलाने के लिए नगर निगम की ओर से शुल्क तय किया गया है। आरोप है कि वहां पर लगे कर्मचारी मनमानी करते हुए लोगों से दो हजार रुपये तक शुल्क वसूल ले रहे हैं। हालांकि शव दाह संस्कार के लिए आने वाले परेशान लोग मजबूरी में शुल्क दे रहे हैं।
निस्तारण के लिए भेजा जाएगा पत्र
लाशों के जलाने के बाद पहनी गई पीपीई किट समेत अन्य सामान को खुले में फेंका जाना गलत है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। नगर निगम को सही तरीके से निस्तारण के लिए पत्र भेजा जाएगा। - डॉ. केपी त्रिपाठी, कोरोना नोडल अफसर