आजादी के बाद पहली बार आई बिजली, जानें क्या था लोगों का रिएक्शन
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लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित अचलीखेड़ा गांव के फकीरखेड़ा मजरे में लोगों के घर पहली बार बिजली के दर्शन हुए। यहां बल्ब रोशन होते ही ग्रामीणों के चेहरे खिल गए। फकीरखेड़ा गांव में फकीरखेड़ा निवासी गयाप्रसाद मौर्या के बेटे का 14 जून को विवाह है।
नई बहू आने से पहले उनके घर बिजली की सौगात पहुंचने से खुशी से पूरा परिवार झूम उठा। गांव के सर्वजीत के घर बिजली पहुंचने पर कई सालों से बक्से मे बंद पड़ा टीवी बाहर निकाला गया। वहीं गर्मी से परेशान लोगों के घर पंखे चालू हो गए।
80 वर्षीय शिव बालक सिंह की आंखें बिजली की रोशनी देखने को तरस रही थी। रविवार के दिन उनके घर बटन दबाते ही पहुंची रोशनी से उनकी 70 सालों की मुराद पूरी हो गई।
मोहनलालगंज स्थित अचलीखेड़ा गांव का फकीर खेड़ा मजरा 20 दिन के भीतर रोशन हो गया। इस गांव को लेसा के मुख्य अभियंता ने गोद लिया था। मजरे का विद्युतीकरण करने पर करीब 12 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
20 दिन में पूरा हुआ काम
मजरे के रोशन होते ही पहले दिन 36 ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन लिए। मुख्य अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि 20 मई को फकीरखेड़ा को रोशन करने के लिए विद्युतीकरण का कार्य केईआई एजेंसी ने कराया।
केंद्र सरकार की ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत यह कार्य 20 दिन में पूरा कर लिया गया। रविवार को उद्घाटन करने के बाद मौके पर ही एसडीओ व जेई 36 ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन दे दिए।
इनमें 35 कनेक्शन बीपीएल और एक एपीएल उपभोक्ता ने लिया। जिन ग्रामीणों ने कनेक्शन लिए उनमें बेचन, शत्रुघ्न, चंदन, गज प्रसाद, इंद्रासन, कृष्ण कुमार, छत्रपाल सिंह आदि के घर आजादी के बाद पहली बार बिजली की रोशनी से नहाए। ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार वर्मा ने मजरे के विद्युतीकरण पर खुशी जाहिर कर ग्रामीणों को बधाई दी।