{"_id":"5fccdb4b8ebc3ecf7e4e7bd0","slug":"vigilance-filed-fir-on-illegal-mining-of-kaurung-on-ken-river","type":"story","status":"publish","title_hn":"केन नदी पर मौरंग के अवैध खनन पर विजिलेंस ने दर्ज की एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केन नदी पर मौरंग के अवैध खनन पर विजिलेंस ने दर्ज की एफआईआर
Sun, 06 Dec 2020 06:53 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 06 Dec 2020 06:53 PM IST
विज्ञापन
एफआईआर की प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
बांदा जिले में केन नदी पर हो रहे मौरंग के अवैध खनन के मामले में विजिलेन्स ने एफआईआर दर्ज कर चार लोगों को नामजद किया है। इससे पहले विजिलेन्स की टीम ने खनन विभाग के साथ मौके पर औचक निरीक्षण किया था।
नदी पर अवैध खनन की शासन के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं। इसे लेकर शासन ने विजिलेन्स को जाँच के निर्देश दिए थे। डीजी विजिलेन्स ने शिकायत की जाँच करने के लिए एक टीम वहाँ भेजी। इस टीम के साथ खनिज विभाग के कर्मी भी शामिल थे। टीम ने बांदा जिले की नरैनी तहसील में केन नदी के किनारे औचक निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान टीम को नसैनी गांव के पास केन नदी से मौरंग का अवैध खनन पाया गया। गांव के पास नदी के किनारे अवैध खनन कर एकत्र की गई करीब बीस लाख कीमत की मौरंग लदी दो सौ ट्रक मिली। विजिलेन्स टीम ने इस अवैध खनन और उसके भंडारण में चार स्तानीय लोगों संलिप्तता पाई। विजिलेंस अधिकारियों की कहना है कि बिना विभागीय अधिकारियों की मिली भगत इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खनन संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नदी पर अवैध खनन की शासन के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं। इसे लेकर शासन ने विजिलेन्स को जाँच के निर्देश दिए थे। डीजी विजिलेन्स ने शिकायत की जाँच करने के लिए एक टीम वहाँ भेजी। इस टीम के साथ खनिज विभाग के कर्मी भी शामिल थे। टीम ने बांदा जिले की नरैनी तहसील में केन नदी के किनारे औचक निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान टीम को नसैनी गांव के पास केन नदी से मौरंग का अवैध खनन पाया गया। गांव के पास नदी के किनारे अवैध खनन कर एकत्र की गई करीब बीस लाख कीमत की मौरंग लदी दो सौ ट्रक मिली। विजिलेन्स टीम ने इस अवैध खनन और उसके भंडारण में चार स्तानीय लोगों संलिप्तता पाई। विजिलेंस अधिकारियों की कहना है कि बिना विभागीय अधिकारियों की मिली भगत इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खनन संभव नहीं है।
विज्ञापन