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कोरोना इफेक्ट: कॉलेजों में दाखिले की दौड पड़ी सुस्त
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अक्षय कुमार
राजधानी के जिन कॉलेजों में हर साल एक-एक सीट पर प्रवेश के लिए कांटे की टक्कर होती थी। वहां कोविड संक्रमण के कारण इस बार प्रवेश आवेदन के ही लाले पड़े हुए हैं।
हालात ये है कि लगभग दो महीने से चल रही प्रवेश प्रक्रिया में कहीं 500 तो कहीं 1000 ही आवेदन आये हैं। जबकि सीटें इसके दोगुने से ज्यादा हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय के बाद नेशनल पीजी कॉलेज, केकेसी, कालीचरण पीजी कॉलेज, आईटी व अवध गर्ल्स जैसे बड़े कॉलेजों में प्रवेश के लिए हर साल कड़ा मुकाबला होता है।
लेकिन इस बार कोविड के कारण स्थिति काफी बदली हुई है। हालांकि इसका एक बड़ा कारण इंटर की परीक्षा न होना और परिणाम न आना भी माना जा रहा है। ऐसे में कॉलेज अपने यहां प्रवेश आवेदन प्रक्रिया को और आगे बढ़ा रहे हैं।
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कालीचरण पीजी कॉलेज में अभी तक महज 400 प्रवेश आवेदन ही आये हैं। यहां यूजी में लगभग 1000 और पीजी में 220 सीटें हैं। प्राचार्य डॉ. देवेंद्र सिंह ने कहा कि आवेदन 15 जून तक लिए जाएंगे।
लखनऊ यूनिवर्सिटी के ही आवेदन की तारीख दो बार बढ़ी है। कहीं न कहीं संक्रमण का असर तो है ही। साथ ही इंटर परीक्षा का परिणाम भी मुद्दा है। संक्रमण के कारण चीजें प्रभावित है, इसलिए मेरिट बेस्ड प्रवेश ही लेंगे।
केकेसी की प्राचार्य डॉ. मीता शाह ने बताया कि अभी यूजी-पीजी में 900 आवेदन ही आये हैं। पीजी में 420 और यूजी में 3540 सीटें हैं। अभी आवेदन की कोई अंतिम तारीख नहीं रखी है।
लेकिन इस बार अनिश्चितता की स्थिति में आवेदन कम आये हैं। कोविड संक्रमण भी एक बड़ा कारण है। विद्यार्थी आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं। इंटर की परीक्षा और परिणाम की भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
नेशनल पीजी कॉलेज में लगभग 1500 सीटें हैं और आवेदन 2000 ही आए हैं। यही नहीं, कॉलेजों के प्रोफेशनल कोर्सों में प्रवेश के लिए होने वाले लुआमैकट में बीकॉम को छोड़कर अन्य कोर्सों में काफी कम आवेदन आये हैं। आवेदन 15 जून तक होने हैं। कमोवेश यही स्थिति अन्य कॉलेजों की भी है। कुछ तो अभी आवेदन की शुरूआत भी नहीं कर सके हैं। जिन्होंने की है वे इसे आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।
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राजधानी के जिन कॉलेजों में हर साल एक-एक सीट पर प्रवेश के लिए कांटे की टक्कर होती थी। वहां कोविड संक्रमण के कारण इस बार प्रवेश आवेदन के ही लाले पड़े हुए हैं।
हालात ये है कि लगभग दो महीने से चल रही प्रवेश प्रक्रिया में कहीं 500 तो कहीं 1000 ही आवेदन आये हैं। जबकि सीटें इसके दोगुने से ज्यादा हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय के बाद नेशनल पीजी कॉलेज, केकेसी, कालीचरण पीजी कॉलेज, आईटी व अवध गर्ल्स जैसे बड़े कॉलेजों में प्रवेश के लिए हर साल कड़ा मुकाबला होता है।
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लेकिन इस बार कोविड के कारण स्थिति काफी बदली हुई है। हालांकि इसका एक बड़ा कारण इंटर की परीक्षा न होना और परिणाम न आना भी माना जा रहा है। ऐसे में कॉलेज अपने यहां प्रवेश आवेदन प्रक्रिया को और आगे बढ़ा रहे हैं।
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कालीचरण पीजी कॉलेज में अभी तक महज 400 प्रवेश आवेदन ही आये हैं। यहां यूजी में लगभग 1000 और पीजी में 220 सीटें हैं। प्राचार्य डॉ. देवेंद्र सिंह ने कहा कि आवेदन 15 जून तक लिए जाएंगे।
लखनऊ यूनिवर्सिटी के ही आवेदन की तारीख दो बार बढ़ी है। कहीं न कहीं संक्रमण का असर तो है ही। साथ ही इंटर परीक्षा का परिणाम भी मुद्दा है। संक्रमण के कारण चीजें प्रभावित है, इसलिए मेरिट बेस्ड प्रवेश ही लेंगे।
केकेसी की प्राचार्य डॉ. मीता शाह ने बताया कि अभी यूजी-पीजी में 900 आवेदन ही आये हैं। पीजी में 420 और यूजी में 3540 सीटें हैं। अभी आवेदन की कोई अंतिम तारीख नहीं रखी है।
लेकिन इस बार अनिश्चितता की स्थिति में आवेदन कम आये हैं। कोविड संक्रमण भी एक बड़ा कारण है। विद्यार्थी आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं। इंटर की परीक्षा और परिणाम की भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
नेशनल पीजी कॉलेज में लगभग 1500 सीटें हैं और आवेदन 2000 ही आए हैं। यही नहीं, कॉलेजों के प्रोफेशनल कोर्सों में प्रवेश के लिए होने वाले लुआमैकट में बीकॉम को छोड़कर अन्य कोर्सों में काफी कम आवेदन आये हैं। आवेदन 15 जून तक होने हैं। कमोवेश यही स्थिति अन्य कॉलेजों की भी है। कुछ तो अभी आवेदन की शुरूआत भी नहीं कर सके हैं। जिन्होंने की है वे इसे आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।