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पीजीआई की गोपनीय रिपोर्ट लीक, बच्चों के इलाज में कारगर नहीं वेंटिलेटर

Fri, 30 Jul 2021 01:42 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jul 2021 01:42 AM IST
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Ventilators from PM cares fund are not effective are in treatment of children
पीएम केयर्स फंड से आए वेंटिलेटर बच्चों के इलाज में कारगर नहीं। - फोटो : ??? ?????
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए पीएम केयर फंड के तहत भेजे गए वेंटिलेटर बच्चों पर सपोर्ट नहीं करेंगे। वेंटिलेटर की खेप चिकित्सा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में भेजी गई थी।
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शासन के आदेश पर पीजीआई ने वेंटिलेटर के तकनीकी पहलुओं को परखा तो मानकों पर खरे नहीं उतरे। पीजीआई प्रशासन ने पूरी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बीएचईएल कंपनी से आए वेंटिलेटर की क्वॉलिटी ठीक नहीं है।
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यह 10 किलो वजन तक के बच्चों के इलाज में कारगर नहीं है। इस गोपनीय रिपोर्ट के लीक होने से संस्थान में हड़कंप मचा है। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पताल-संस्थानों में तैयारियां चल रही हैं।
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विशेषज्ञों ने बच्चों पर संक्रमण के अधिक खतरे की आशंका जताई है। सभी जगहों पर बच्चों के इलाज के लिए ठोस इंतजाम किए जा रहे हैं। अस्पताल में बेड और वेंटिलेटर तैयार किए जा रहे हैं। पीएम केयर से राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में वेंटिलेटर भेजे गए हैं।
इसमें बलरामपुर, लोहिया, पीजीआई समेत दूसरे अस्पताल शामिल हैं। पीजीआई में पीएम केयर से करीब 40 वेंटिलेटर भेजे गए हैं। इन वेंटिलेटर को बच्चों के इलाज में इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई थी।
शासन के निर्देश पर पीजीआई में वेंटीलेटर की गुणवत्ता परखने के लिए कमेटी बनी। विशेषज्ञों की कमेटी ने वेंटिलेटर की गुणवत्ता परखी। जिसके बाद इन वेंटिलेटर को 10 किलो वजन तक के बच्चों के इलाज के लिए कारगर नहीं पाया गया।
गोपनीय रिपोर्ट के तीसरे पेज पर जांच अधिकारियों ने यहां तक लिखा कि 10 माह तक के बच्चों को इन वेंटिलेटर पर रखना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञ टीम के सदस्य डॉ. आरके सिंह के मुताबिक पीएम केयर के वेंटिलेटर बड़े मरीजों के इलाज में कारगर हैं, मगर बच्चों पर यह सपोर्ट नहीं करेंगे।
गोपनीय रिपोर्ट लीक होने से पीजीआई में खलबली
पीजीआई प्रशासन ने वेंटिलेटर की जांच करके पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है। इसमें बच्चों पर सपोर्ट न होने का दावा किया है। पूरे मामले की गोपनीय रिपोर्ट लीक होने पर पीजीआई प्रशासन में खलबली मची हुई है। निदेशक से लेकर जांच करने वाली टीम रिपोर्ट लीक होने पर मंथन करते हुए मामले में लीपापोती करने में जुटे हैं।

आवाज भी करते हैं वेंटिलेटर
विशेषज्ञों के मुताबिक, वेंटिलेटर सामान्य से अधिक आवाज भी करते हैं। इससे आईसीयू के गंभीर मरीजों व स्टाफ को दिक्कत हो सकती है और इलाज प्रभावित हो सकता है। कम्प्रेशर से आवाज अधिक आती है। अंग फेल हो चुके मरीजों के इलाज में ये वेंटिलेटर बहुत उपयुक्त नहीं हैं।
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