फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Vehicle owners will now be able to challenge traffic challans online.

Lucknow News: अब वाहन मालिक ऑनलाइन दे सकेंगे चालान को चुनाैती

Thu, 24 Sep 2026 02:31 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 02:31 AM IST
विज्ञापन
Vehicle owners will now be able to challenge traffic challans online.
प्रतीकात्मक।
लखनऊ। वाहन मालिकों को चालान को लेकर शिकायत है तो अब वे ऑनलाइन ही उसे चुनौती दे सकेंगे। चालान जारी होने के 45 दिन के भीतर चुनौती देनी होगी। अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। नेक्स्ट जेन ई-चालान एप में यह फीचर जोड़ दिया गया है, जिसे बुधवार आधी रात से लाइव कर दिया गया।
विज्ञापन

वाहन घर पर खड़ा है और चालान कट गया, वाहन किसी का और चालान किसी दूसरे वाहन का या चार पहिया वाहन का चालान दोपहिया के नंबर पर होने जैसी शिकायतें परिवहन विभाग में आती रही हैं। चालान को चुनौती देने के लिए वाहन मालिकों को अभी तक विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब यह प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे चालानों के समयबद्ध निस्तारण में मदद मिलेगी और राजस्व भी बढ़ेगा।
विज्ञापन

चालान होने पर वाहन मालिक को अगर कोई शिकायत नहीं है तो 75 दिन के भीतर चालान की धनराशि जमा करनी होगी। चुनौती दिए गए चालानों के निस्तारण के लिए ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर (जीआरओ) तैनात किए गए हैं। आरटीओ, एआरटीओ प्रशासन और उप परिवहन आयुक्त को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ब्लॉक हो जाएंगे वाहन से जुड़े काम
चालान को चुनौती देने के बाद यदि फैसला वाहन मालिक के खिलाफ आता है तो उसे चालान जारी होने से चार महीने के भीतर धनराशि जमा करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर वाहन से संबंधित आरटीओ के सभी काम ब्लॉक कर दिए जाएंगे। इनमें वाहन की फिटनेस, ट्रांसफर, रिन्यूवल आदि शामिल हैं।
यह है व्यवस्था
चालान जारी होने के 45 दिन के भीतर चुनौती देनी होगी।
चुनौती के बाद जीआरओ को 30 दिन में शिकायत का समाधान करना होगा।
30 दिन में समाधान नहीं होने पर चालान स्वत: समाप्त हो जाएगा।
जीआरओ का निर्णय वाहन मालिक के खिलाफ होने पर 105 दिन के भीतर चालान की पूरी धनराशि जमा करनी होगी। या 50 प्रतिशत राशि जमा कर न्यायालय में अपील की जा सकती है।
निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर 15 दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा। कुल 120 दिन यानी चार महीने में चालान का भुगतान करना होगा।
चार महीने बाद भी भुगतान नहीं होने पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नोटिस भेजे जाएंगे। इसके बाद वाहन के ट्रांसफर, रिन्यूवल, फिटनेस समेत अन्य काम ब्लॉक कर दिए जाएंगे।
दो दिन तक पुराने चालान नहीं होंगे निस्तारित
एनआईसी ने नेक्स्ट जेन ई-चालान एप को अपडेट किया है। फिलहाल एनआईसी अधिकारी डाटा माइग्रेशन का काम कर रहे हैं। इसके चलते शुक्रवार तक पुराने चालानों की धनराशि एप के माध्यम से जमा नहीं हो सकेगी। अगले दो दिन तक पुराना डाटा पोर्टल पर भी दिखाई नहीं देगा।

Iनई व्यवस्था से लोगों को चालान को चुनौती देने के लिए विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे चालानों के समयबद्ध निस्तारण के साथ विभाग के राजस्व में भी सुधार होगा। नई व्यवस्था बुधवार आधी रात से लाइव कर दी गई है। डाटा माइग्रेशन के चलते शुक्रवार तक पुराने चालानों का भुगतान एप पर नहीं हो सकेगा।I
I- प्रभात पांडेय, आरटीओ प्रवर्तनI
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article