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वेदांती बोले, मैंने तुड़वाया विवादित ढ़ांचा, आडवाणी-जोशी को बेवजह फंसा रही CBI

Sun, 21 May 2017 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 21 May 2017 02:05 AM IST
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vedanti says I was behind demolition in ayodhya.
डॉ. रामविलास वेदांती - फोटो : amar ujala

श्री रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य और विवादित ढांचा ध्वंस के आरोपी पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती ने दावा किया है कि विवादित ढांचे को उन्होंने तुड़वाया था। लालकृष्ण आडवाणी और डॉ. मुरली मनोहर जोशी तो उसे बचाने की गुहार लगा रहे थे। दोनों नेताओं को सीबीआई बेवजह फंसा रही है। दोनों पूरी तरह निर्दोष हैं।

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डॉ. वेदांती शनिवार को यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। वह इस प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के मद्देनजर यहां सीबीआई की विशेष अदालत में सरेंडर करने आए थे। उन्होंने कहा कि रामकाज के लिए जेल जाना तो क्या, अगर फांसी की सजा मिलेगी तो उसके लिए भी तैयार हैं।
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वेदांती ने कहा कि विहिप ने प्रतीकात्मक कारसेवा का फैसला किया था। उसकी योजना तो बस इतनी भर थी कि कारसेवक एक-एक मुट्ठी बालू लाकर राम चबूतरा पर रखेंगे और लौट जाएंगे। कारसेवकों को यह पसंद नहीं था।
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उनकी इच्छा थी कि खंडहर में बदल चुके मंदिर की जगह नया भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण हो। इसलिए उन्होंने विहिप की लाख कोशिशों के बावजूद ढांचा गिरा दिया। बकौल वेदांती वह मौके पर थे और उन्होंने ढांचा गिराने के कारसेवकों के काम को सराहा तथा प्रोत्साहित किया।

मस्जिद होने का कोई प्रमाण नहीं

vedanti says I was behind demolition in ayodhya.

वेदांती ने दावा किया कि ढांचा की दीवारों पर हनुमान लला, दुर्गा देवी, रामलला, सीता माता, विष्णु भगवान, वराह भगवान के चित्र उकेरे हुए थे। अमृतकलश बने हुए थे। ये मंदिर होने के प्रमाण हैं। मस्जिद में ये प्रतीक नहीं हो सकते।

फिर मस्जिद में परिक्रमा मार्ग नहीं होता जबकि विवादित ढांचा में परिक्रमा मार्ग भी था। मस्जिद में कुआं और मीनार होना जरूरी होता है, पर विवादित ढांचे में ये भी नहीं थे।

पूर्व सांसद ने दावा किया कि कई मुसलमानों ने उनसे बातचीत में बाबर को आक्रांता बताया। यह भी कहा कि बाबर के नाम पर अयोध्या ही नहीं, बल्कि देश में कहीं मस्जिद स्वीकार नहीं है। वेदांती ने कहा कि हिंदू अयोध्या में बाबर के नाम पर किसी मस्जिद को स्वीकार नहीं कर सकता।

मोदी सउदी अरब में मंदिर बनवा सकते हैं तो अयोध्या में क्यों नहीं

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वेदांती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब सऊदी अरब में मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं तो अयोध्या में क्यों नहीं।

केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार होने के कारण उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस विवाद का समाधान निकालकर अयोध्या में मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा।

मोदी और योगी दोनों ही भारतीय संस्कृति में आस्था रखने वाले हैं। भाजपा के एजेंडे में भी राम मंदिर निर्माण को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई है।

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