वरुण, मेनका व कटियार भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति से बाहर : सबसे ज्यादा सदस्य यूपी से, लक्ष्मीकांत बाजपेयी को मिली जगह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने कार्यसमिति के जरिये उत्तर प्रदेश में नए नेतृत्व की बुनियाद रख दी है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि बड़ा चेहरा होना ही काफी नहीं है बल्कि पार्टी की लाइन पर चलने वाले ही आगे बढ़ाए जाएंगे।
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भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी, सुल्तानपुर की सांसद मेनका गांधी, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार सहित कई अन्य नेताओं को जगह नहीं मिली है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सबसे अधिक 41 सदस्य यूपी से शामिल किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने कार्यसमिति के जरिये उत्तर प्रदेश में नए नेतृत्व की बुनियाद रख दी है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि बड़ा चेहरा होना ही काफी नहीं है बल्कि पार्टी की लाइन पर चलने वाले ही आगे बढ़ाए जाएंगे।
भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय कार्यसमिति में सोशल इंजीनियरिंग का भी खास ध्यान रखा है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के साथ स्वामी प्रसाद मौर्य, दारा सिंह चौहान, ब्रजेश पाठक जैसे दूसरे दलों से आए प्रभावशाली नेताओं को भी कार्यसमिति में शामिल किया है।
मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से समय-समय पर अलग-अलग मुद्दे पर योगी सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी और उनकी मां तथा सुल्तानपुर की सांसद मेनका गांधी को कार्यसमिति में जगह न देकर राष्ट्रीय नेतृत्व ने अनुशासनहीनता के पर संदेश देने की कोशिश की है। वहीं नोएडा के सांसद डॉ. महेश शर्मा, एटा के सांसद और पूर्व राज्यपाल दिवंगत कल्याण सिंह के पुत्र राजबीर सिंह को भी कार्यसमिति में जगह नहीं मिली है। इटावा के सांसद राम शंकर कठेरिया, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार, मेरठ के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, देवरिया के सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को भी कार्यसमिति में शामिल नहीं किया गया है।
राष्ट्रीय कार्य समिति में उत्तर प्रदेश से पीएम मोदी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बेबीरानी मौर्य, रेखा वर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर, लोकसभा में मुख्य सचेतक शिव प्रताप शुक्ला और आईटी एवं सोशल मीडिया प्रभारी अमित मालवीय को भी जगह मिली है।
आगामी विधानसभा चुनाव के तहत जातीय समीकरण साधने के लिए भाजपा ने कार्य समिति में ब्राह्मण, जाट, निषाद, कुर्मी, राजभर व वैश्य नेताओं को जगह दी है। केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय, स्मृति ईरानी, मुख्तार अब्बास नकवी, साध्वी निरंजन ज्योति, संजीव बालियान, पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, राज्यसभा सदस्य अनिल जैन, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, गौरव भाटिया, जफर इस्लाम और प्रेम शुक्ल को कार्यसमिति में शामिल किया गया है।
वहीं सांसद हेमा मालिनी, केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, बीएल वर्मा, प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी और सांसद अनुराग शर्मा को बतौर विशेष आमंत्रित सदस्य कार्यसमिति में रखा गया है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधमोहन सिंह, सह प्रभारी सत्य कुमार, सुनील ओझा, संजीव चौरसिया, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल और सह संगठन मंत्री कर्मवीर को भी सदस्य बनाया गया है।