वरुण गांधी ने मोदी-योगी सरकार पर साधा निशाना, शिक्षा व स्वास्थ्य में कम खर्च करने पर उठाए सवाल
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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सुल्तानपुर जिले के सांसद वरुण गांधी ने शनिवार को परोक्ष रूप से देश और प्रदेश की सरकार पर शब्दों के बाण छोड़े। वरुण गांधी ने कहा है कि जिस देश में स्वास्थ्य व शिक्षा पर जीडीपी का केवल दो फीसदी बजट खर्च होता है, उसका भविष्य कभी ठीक नहीं हो सकता।
वे जिला अस्पताल में न्यू इमरजेंसी विंग के उद्घाटन समारोह के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में जीडीपी का 10 फीसदी शिक्षा और 10 फीसदी स्वास्थ्य पर खर्च होना चाहिए, तभी इंसान की वेल्यू होगी।
उन्होंने कहा कि हमें संस्थाओं को बनाना है। आज हमारे देश के कॉलेज बच्चों को सिर्फ डिग्री दे रहे हैं। हिंदुस्तान जगत गुरु रहा है। आज किसी भी देश में आप जाइए आप देखेंगे कि बेस्ट डॉक्टर, बेस्ट वकील, बेस्ट टीचर, बेस्ट प्रोफेसर वहां हिंदुस्तान के हैं। सांसद ने कहा कि ऐसा हिंदुस्तान में क्यों नहीं होता।
दरअसल हिंदुस्तान में उनकी कदर ही नहीं है। हमारे देश में दो लाख डॉक्टर बेरोजगार है। इस समय 50 फीसदी लोग बेसिक मेडिकल एजूकेशन पूरी करने के बाद एमडी तक नहीं पहुंच पाते हैं। हम केंद्रीय प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) का फायदा उठाकर मुंबई, दिल्ली में बैठे बढ़िया डॉक्टर की मदद ले सकते हैं। मैंने तय किया है कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सांसद निधि का 99 फीसदी धन खर्च करूंगा।
'राजनीति का मकसद अगली पीढ़ी को तैयार करना होता है'
वरुण गांधी ने कहा कि राजनीति का मकसद अगली पीढ़ी को तैयार करना होता है। अगली पीढ़ी को हैंडपंप और सोलर लाइट बांटने से फायदा नहीं होगा। इस जिले ने देश को बहुत कुछ दिया है। प्रधानमंत्री दिया है। देश के किसी भी अस्पताल में चले जाइए हालत बेहद खराब है।
दो-दो माताएं एक बिस्तर पर बच्चों को जन्म दे रही हैं। एक लाख 35 हजार लोग हर साल ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट दिल्ली में जाते हैं और भर्ती मात्र 28 हजार लोग होते हैं। एसजीपीजीआई का भी ऐसा ही हाल है।
सभा के बाद वरुण गांधी कादीपुर के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी, सीएमएस डॉ. योगेंद्र यति, डॉ. वीबी सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष बबिता जायसवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष करुणा शंकर द्विवेदी, सुशील त्रिपाठी, संदीप प्रताप सिंह, विजय सिंह रघुवंशी समेत कई लोग मौजूद रहे।
टूटकर गिरा बैनर, बंद हुआ माइक
सांसद के मंच पर पहुंचते ही भीड़ की वजह से बैनर टूटकर गिर गया। कार्यकर्ताओं ने उसे ठीक करने की कोशिश की, लेकिन वह दोबारा नहीं लग सका। संबोधन के ठीक पहले एक बार माइक भी बंद हो गया। हालांकि माइक को तुरंत ठीक कर लिया गया।