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वैश्विक बाजार में यूपी की शान बढ़ा रही हैं आमों की किस्में : योगी

Sat, 05 Jul 2025 02:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jul 2025 02:36 AM IST
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Varieties of mangoes are increasing the pride of UP in the global market: Yogi
वैश्विक बाजार में यूपी की शान बढ़ा रही हैं आमों की किस्में : योगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ढाई से तीन किलो के आमों की किस्में न सिर्फ स्वाद में बेजोड़ हैं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी उत्तर प्रदेश की शान बढ़ा रहे हैं। बागवानों ने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों के बावजूद तकनीक का उपयोग कर शानदार प्रदर्शन किया है। बागवानों को ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए तत्पर रहना होगा। उन्हें जागरूक करना होगा और तकनीक भी बतानी होगी। वह शुक्रवार को लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2025 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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मुख्मयंत्री ने कहा कि महोत्सव में 800 से अधिक किस्मों के आमों की प्रदर्शनी लगी है। यह प्रदर्शनी हमारी समृद्धि का प्रतीक भी है। आम महोत्सव न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। आम उत्पादन को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए लखनऊ, अमरोहा, सहारनपुर और वाराणसी में चार आधुनिक पैक हाउस स्थापित किए गए हैं। इन पैक हाउसों के माध्यम से आम की गुणवत्ता, वैरायटी और एक्सपोर्ट के मानकों की जानकारी किसानों को दी जाती है। यह महोत्सव न केवल आम उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देता है, बल्कि बागवानों में औद्यानिक फसलों, आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजारों के प्रति विश्वास जगाने का भी माध्यम है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने लखनऊ की दशहरी, वाराणसी का लंगड़ा, गोरखपुर का गवर्जीत, बस्ती का आम्रपाली, मेरठ और बागपत का रटोल जैसी किस्मों की जानकारी ली। मौके पर प्रगतिशील बागवानों और निर्यातकों को प्रशस्ति पत्र और एक पौधा देकर सम्मानित किया। महोत्सव की स्मारिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के आम की धमक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार औद्यानिक फसलों के निर्यात को कई गुना बढ़ाया है। इस महोत्सव के दौरान दो देशों के लिए आमों का एयर कार्गो रवाना किया गया, जिसमें सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी ने बागवानों को बेहतर दाम दिलाने में मदद की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जीडीपी में कृषि और औद्यानिक फसलों का योगदान 25-30 फीसदी था। अब सरकार की नीतियों ने इस क्षेत्र को और सशक्त किया है। अर्जुन सहायक, बांध सागर और सरयू नहर जैसी परियोजनाओं ने बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में जल की समस्या का समाधान किया है। अब किसान तीन फसलें ले रहे हैं। उन्होंने हरदोई, कानपुर और औरैया के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि मक्का की खेती से किसान प्रति एकड़ एक लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्रों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के माध्यम से आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया है। उन्होंने बागवानों से हल्दी, अदरक और अन्य औद्यानिक फसलों के साथ फूड प्रोसेसिंग को अपनाने का आह्वान किया, ताकि उनकी आय को और बढ़ाया जा सके।
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नौ को शुरू होगा को एक पेड़ मां के नाम

मुख्यमंत्री ने पौधरोपण की अपील की। उन्होंने कहा कि 2017 में जहां 5 करोड़ पौधों का रोपण एक चुनौती थी, वहीं अब 9 जुलाई 2025 को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 50 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा।

इनका हुआ सम्मान

आम महोत्सव में रायबरेली के मंगल वक्स सिंह, कासगंज के सुभाष बाबू माहेश्वरी, हरदोई की कल्पना सिंह, जौनपुर के अनिल कुमार सिंह, गोरखपुर के नागेंद्र प्रताप सिंह, प्रतापगढ़ की डाॅ. शिवानी, फर्रूखाबाद के योगेंद्र सिंह, सहारनपुर के रामबीर चौहान, बाराबंकी के जय सिंह, लखनऊ के इकबाल अहमद को आम उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया। इसी तरह आम निर्यातक के रूप में ब्रिटेन के अजीम खान, अमरोहा के नदीम सिद्दकी, लखनऊ के मुस्लेहुद्दीन को सम्मानित किया गया।


गेंहू, चावल से ज्यादा फायदेमंद सब्जी की खेती- दिनेश

महोत्सव के दौरान उद्यान मंत्री दिनेश सिंह ने कृषि मंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि जितने क्षेत्रफल में गेहूं से सिर्फ 38 हजार रुपये मिलते हैं, उतने ही क्षेत्रफल में शिमला मिर्च से 15 लाख रुपये कमाया जा सकता है। प्रदेश में 61 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है। खेत कम हो रहे हैं। ऐसे में उद्यान विभाग कम क्षेत्रफल में ज्यादा मुनाफा वाली फसलों पर जोर दे रहा है।
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