{"_id":"611aa38791638436d74eefaf","slug":"vantangiya-mukhiya-talks-about-his-heart-truth-be-told-it-was-yogi-who-gave-us-freedom-after-becoming-cm","type":"story","status":"publish","title_hn":"वनटांगिया मुखिया ने रखी दिल की बात : सच कहें, हमें तो योगी जी ने ही सीएम बनने पर दिलाई आजादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वनटांगिया मुखिया ने रखी दिल की बात : सच कहें, हमें तो योगी जी ने ही सीएम बनने पर दिलाई आजादी
Mon, 16 Aug 2021 11:12 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 16 Aug 2021 11:12 PM IST
सार
यह तो हमारे योगी जी यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कृपा है, जो स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने मुझे वीआईपी बनने का सौभाग्य मिला। यह समूचे वनटांगिया समुदाय के लिए ऐतिहासिक पल है। इसके लिए सीएम का आभार व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।
विज्ञापन
रामगणेश
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यह तो हमारे योगी जी यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कृपा है, जो स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने मुझे वीआईपी बनने का सौभाग्य मिला। यह समूचे वनटांगिया समुदाय के लिए ऐतिहासिक पल है। इसके लिए सीएम का आभार व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।
विज्ञापन
यह कहना है वनटांगिया मुखिया रामगणेश का। लाल किले पर हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह में यूपी से गए दस खास मेहमानों में शामिल रामगणेश सोमवार को अपने वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर-3 लौट आए। पीएम मोदी के मंच के सामने वीआईपी दीर्घा में बैठने के पल को आंखों में संजोए रामगणेश कहते हैं सीएम योगी ने ही वनटांगियों को ‘जंगली’ से इंसान बनाया। उन्हें मूलभूत अधिकार दिए। शहर जैसी सुविधाएं दीं और अब पीएम के मंच के सामने अति विशिष्ट व्यक्ति बनवाकर सभी वनटांगियों को सम्मान दिया।
विज्ञापन
वनटांगिया रामगणेश 13 अगस्त को ट्रेन से नई दिल्ली रवाना हुए थे। 14 अगस्त को पहुंचने पर उन्हें यूपी भवन में ठहराया गया। 15 अगस्त की सुबह वे यूपी सरकार के वाहन से लाल किला पहुंचे और वीआईपी दीर्घा में बैठकर स्वतंत्रता दिवस समारोह के साक्षी बने। सोमवार को अपने गांव लौटे तो उनका संस्मरण सुनने के लिए जंगल तिकोनिया नंबर तीन में अन्य वनटांगियों की भीड़ लग गई। रामगणेश जिसे भी पूरी बात सुनाते, वह सीएम योगी के प्रति आभार जताना नहीं भूलता।
विज्ञापन
इस समुदाय के लोगों का कहना है कि हमें आजादी भले ही 1947 में ही मिली, पर वनटांगिया अपने बसावट काल 1918 से लेकर 2017 तक गुलामी की ही दशा में रहे। उन्हें वास्तविक आजादी तब मिली, योगी मुख्यमंत्री बने। रामगणेश कहते हैं कि जब हम आजाद ही नहीं थे तो आजादी के जश्न में शामिल होने की बात सपने में भी नहीं आती थी। लाल किले पर हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रदेश से जिन दस लोगों को विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया था, उनमें वनटांगियों की नुमाइंदगी रामगणेश ने की।