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गर्भवती और बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान 16 से, इसलिए जरूरी है टीका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:52 PM IST
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मिशन इन्द्रधनुष
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मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत प्रदेश के 5130 गांवों में 16 जुलाई से गर्भवती और 24 महीने तक के बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। इस विशेष टीकाकरण विस्तारित अभियान में सिद्धार्थ नगर, चंदौली, सोनभद्र, फतेहपुर और चित्रकूट के गांवों को शामिल किया गया है। ग्राम स्वराज अभियान के तहत चिह्नित इन गांवों के अलावा अन्य स्थानों पर भी टीके लगाए जाएंगे।
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अभियान का दूसरा सत्र 13 अगस्त और तीसरा 10 सितंबर से प्रस्तावित है। सभी चरणों में सात दिन तक चलने वाले इस अभियान में बच्चों को खसरा, टिटनेस, पोलियो, टीबी, गला घोंटू, काली खांसी समेत नौ बीमारियों के टीके लगेंगे। गर्भवती को टिटनेस का टीका लगाया जाता है।
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बच्चों को सर्दी-जुकाम या बुखार होने पर टीके लगाए जा सकते हैं। राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.एपी चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चों को सुई लगने वाले स्थान पर लाली, सूजन और दर्द की शिकायत हो सकती है। ये लक्षण एक से तीन दिन तक रहते हैं। टीकाकरण के बाद बच्चों को कुछ समय तक बुखार भी आ सकता है।
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24 सितंबर से खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान
नौ महीने से 15 साल के बच्चों के लिए मीजल्स-रुबेला (एमआर) टीकाकरण का विशेष अभियान 24 सितंबर चलेगा। इस टीकाकरण अभियान को स्कूलों, सरकार अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और समुदायों में चलाया जाएगा। ये खुराक अतिरिक्त सुरक्षा के लिए है, जो ‘सिंगल शॉट’ के रूप में बच्चों को दी जाएगी। पांच सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान में लगभग 7.5 करोड़ बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य है।