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सीएम योगी ने एक मई से मुफ्त टीकाकरण के लिए मंगाई एक करोड़ वैक्सीन
Sun, 25 Apr 2021 09:20 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 25 Apr 2021 09:20 PM IST
सार
प्रदेश सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए मुफ्त टीकाकरण की तैयारी तेज कर दी है। शासन ने एक करोड़ वैक्सीन खरीदने का आर्डर निर्माता कंपनियों को भेज दिया है। 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों का निशुल्क टीकाकरण होगा।
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cm yogi
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
प्रदेश सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए मुफ्त टीकाकरण की तैयारी तेज कर दी है। शासन ने एक करोड़ वैक्सीन खरीदने का आर्डर निर्माता कंपनियों को भेज दिया है। 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों का निशुल्क टीकाकरण होगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि 50-50 लाख डोज का ऑर्डर दोनों स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनियों को भेज दिया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वृहद टीकाकरण अभियान के संबंध में निर्देश दिया है कि वैक्सीन की वेस्टेज न हो, यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करें।
कमांड सेंटर से निजी अस्पताल भेजे गए मरीज के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोई भी निजी अथवा सरकारी अस्पताल किसी भी कोविड मरीज के उपचार से इनकार नहीं कर सकता। नियमानुसार सरकार इनके उपचार का खर्च वहन करेगी, लेकिन मरीज को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। शासन के सूत्रों के अनुसार जो भी मरीज कोविड कमांड सेंटर के जरिए इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजा जाएगा, उसका पूरा खर्च सरकार खुद वहन करेगी।
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डीआरडीओ का कोविड हॉस्पिटल जल्द शुरू करेगा काम
डीआरडीओ के सहयोग से लखनऊ और वाराणसी में सर्वसुविधायुक्त कोविड हॉस्पिटल का काम अंतिम चरण में है। यह जल्द काम शुरू कर देगा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को डीआरडीओ को सभी आवश्यक संसाधन मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
ऑक्सीजन ऑडिट के लिए संस्थाएं चिन्हित
मुख्यमंत्री ने आईआईटी कानपुर, आआइएम लखनऊ और आईआईटी बीएचयू के सहयोग से ऑक्सीजन की ऑडिट कराने की कार्यवाही का निर्देश दिया है। इसी तरह लखनऊ के एकेटीयू, गोरखपुर में एमएमएमयूटी, कानपुर में एचबीटीयू और प्रयागराज में एमएनआईटी से संपर्क स्थापित कर ऑक्सीजन ऑडिट कार्य में सहयोग लेने को कहा है। इन संस्थानों को इनके समीपस्थ अलग-अलग जिले आवंटित कर ऑडिट कराया जाए। ऑक्सीजन मांग-आपूर्ति-वितरण की लाइव ट्रैकिंग कराने की व्यवस्था लागू हो गई है। इसे प्रभावी बनाया जाए।
युद्धस्तर पर प्रयासों का दिखने लगा सकारात्मक असर
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह युद्धस्तर पर किए गए प्रयासों का ही नतीजा है कि ऑक्सीजन आपूर्ति सामान्य है। केंद्र सरकार ने प्रदेश का आवंटन बढ़ाया है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस जैसे अभिनव सहयोग से बड़ा लाभ हुआ है। ऑक्सीजन एयरलिफ्ट भी कराई जा रही है। निजी हो या सरकारी, किसी कोविड हॉस्पिटल में ऑक्सीजन का अभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 7.77 लाख से अधिक लोग कोविड संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। यह सुखद स्थिति ‘दवाई भी-कड़ाई भी’ के सूत्र को प्रभावी ढंग से अमल में लाने का परिणाम है।
ऑक्सीजन टैंकर बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन टैंकरों की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा है कि परिवहन विभाग इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करे। उन्होंने 100 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि 50-50 लाख डोज का ऑर्डर दोनों स्वदेशी वैक्सीन निर्माता कंपनियों को भेज दिया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वृहद टीकाकरण अभियान के संबंध में निर्देश दिया है कि वैक्सीन की वेस्टेज न हो, यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करें।
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कमांड सेंटर से निजी अस्पताल भेजे गए मरीज के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोई भी निजी अथवा सरकारी अस्पताल किसी भी कोविड मरीज के उपचार से इनकार नहीं कर सकता। नियमानुसार सरकार इनके उपचार का खर्च वहन करेगी, लेकिन मरीज को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। शासन के सूत्रों के अनुसार जो भी मरीज कोविड कमांड सेंटर के जरिए इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजा जाएगा, उसका पूरा खर्च सरकार खुद वहन करेगी।
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डीआरडीओ का कोविड हॉस्पिटल जल्द शुरू करेगा काम
डीआरडीओ के सहयोग से लखनऊ और वाराणसी में सर्वसुविधायुक्त कोविड हॉस्पिटल का काम अंतिम चरण में है। यह जल्द काम शुरू कर देगा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को डीआरडीओ को सभी आवश्यक संसाधन मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
ऑक्सीजन ऑडिट के लिए संस्थाएं चिन्हित
मुख्यमंत्री ने आईआईटी कानपुर, आआइएम लखनऊ और आईआईटी बीएचयू के सहयोग से ऑक्सीजन की ऑडिट कराने की कार्यवाही का निर्देश दिया है। इसी तरह लखनऊ के एकेटीयू, गोरखपुर में एमएमएमयूटी, कानपुर में एचबीटीयू और प्रयागराज में एमएनआईटी से संपर्क स्थापित कर ऑक्सीजन ऑडिट कार्य में सहयोग लेने को कहा है। इन संस्थानों को इनके समीपस्थ अलग-अलग जिले आवंटित कर ऑडिट कराया जाए। ऑक्सीजन मांग-आपूर्ति-वितरण की लाइव ट्रैकिंग कराने की व्यवस्था लागू हो गई है। इसे प्रभावी बनाया जाए।
युद्धस्तर पर प्रयासों का दिखने लगा सकारात्मक असर
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह युद्धस्तर पर किए गए प्रयासों का ही नतीजा है कि ऑक्सीजन आपूर्ति सामान्य है। केंद्र सरकार ने प्रदेश का आवंटन बढ़ाया है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस जैसे अभिनव सहयोग से बड़ा लाभ हुआ है। ऑक्सीजन एयरलिफ्ट भी कराई जा रही है। निजी हो या सरकारी, किसी कोविड हॉस्पिटल में ऑक्सीजन का अभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 7.77 लाख से अधिक लोग कोविड संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। यह सुखद स्थिति ‘दवाई भी-कड़ाई भी’ के सूत्र को प्रभावी ढंग से अमल में लाने का परिणाम है।
ऑक्सीजन टैंकर बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन टैंकरों की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा है कि परिवहन विभाग इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करे। उन्होंने 100 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।