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उर्दू शिक्षकों की भर्ती के लिए नहीं मिल रहे कैंडीडेट, खाली हैं 1800 पद
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:20 PM IST
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उर्दू टीचर भर्ती में नहीं मिल रहे एससी कैंडिडेट
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प्रदेश में उर्दू शिक्षकों के पदों को भरने के लिए अनुसूचित जाति व जनजाति के अभ्यर्थी ही नहीं मिल रहे हैं। नतीजतन 1800 पद खाली हैं। इनमें से एक हजार पदों के लिए कई बार विज्ञापन निकाले जाने के बावजूद कोई अभ्यर्थी नहीं मिला।
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बेसिक शिक्षा विभाग में अगस्त 2013 में उर्दू शिक्षकों की 4280 रिक्तियां निकाली गई थीं। इनमें से 1000 पद एससी-एसटी अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित थे, लेकिन अभ्यर्थी न मिलने से अब तक ये सभी पद खाली हैं।
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इस साल जनवरी में भी उर्दू शिक्षकों के 3500 पद भरने के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे। इनमें 805 सीटें एससी-एसटी कैंडीडेट्स के लिए हैं। शासन से मिली जानकारी के मुताबिक इन 805 सीटों के लिए सिर्फ पांच अभ्यर्थी झांसी, बस्ती, कानपुर, सीतापुर और हरदोई में मिले।
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चूंकि, पहली बार विज्ञापन निकलने के तीन साल तक एससी-एसटी श्रेणी की सीटों को सामान्य श्रेणी में नहीं बदला जा सकता, इसलिए इन रिक्त पदों पर भर्ती की कोई उम्मीद नहीं है। इस तरह अगस्त 2013 में एससी-एसटी के लिए जो पद निकाले गए थे उन्हें सामान्य श्रेणी में परिवर्तित करने की प्रक्रिया अगस्त-2016 के बाद ही शुरू हो सकेगी।