'यूपी व उत्तराखंड के सीएम मिलकर निकालें बंटवारे की दिक्कतों का समाधान'
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच संपत्तियों के बंटवारे की समस्या का हल दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को मिलकर निकालना चाहिए।
अभी तक अफसरों के हाथ में मामला होने के कारण संपत्तियों का बंटवारा नहीं हो पाया है लेकिन अब दोनों मुख्यमंत्रियों को इसका समाधान खोजना चाहिए। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय भी हस्तक्षेप कर सकता है।
बृहस्पतिवार को एनेक्सी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद कोश्यारी ने पत्रकारों से बातचीत की। कहा कि दोनों राज्यों के बीच सिंचाई, बिजली, उद्योग और पर्यटन की अधिकांश परिसंपत्तियों का बंटवारा होना है।
यह मामला अभी तक सुलझ नहीं सका क्योंकि अभी तक यह कार्य अधिकारियों के हाथ में था। अफसरों का दृष्टिकोण अलग होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया है कि वह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत मिलकर इसका समाधान करें।
टिहरी परियोजना का ज्यादा लाभ यूपी व दिल्ली को मिला
उन्होंने कहा, अधिकतर मामले सिंचाई के हैं, उत्तराखंड के क्षेत्र में स्थित टिहरी बांध परियोजना का ज्यादातर लाभ दिल्ली और यूपी को ही मिला है। इसके बाद भी यूपी के अधिकारी कहते हैं कि कुंभ का सारा इलाका उनके अधिकार में रहेगा। पूरी जमीन भी यूपी को चाहिए।
कोश्यारी ने कहा, टिहरी बांध से 20 हजार लोग प्रभावित हुए थे। अब पंचेस्वर योजना बन रही है। इससे 31 हजार परिवार प्रभावित होंगे। इससे भी यूपी को 2.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
इसके बावजूद यूपी के अधिकारी जमीन को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। कहा कि यूपी और उत्तराखंड का नाता दूध और शक्कर की तरह है।
दोनों प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होने चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाया है।