हार से सीखा सबक, मोदी की राह चलेंगे अखिलेश
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लगता है मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अब पीएम मोदी के पदचिंहों पर चलने का फैसला किया है। इसलिए अब वह वही मॉडल अपना रहे हैं, जिसने मोदी को केंद्र की सत्ता पर बिठाया।
गौरतलब है कि प्रदेश में पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए 12 जून (बृहस्पतिवार) को दिल्ली में आयोजित होने जा रहे निवेशक सम्मेलन (इन्वेस्टर मीट) के दौरान 25 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के पूंजी निवेश के लिए औद्योगिक समूहों के साथ करार (एमओयू) होने की उम्मीद है।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी शिरकत करेंगे। वह पूंजी निवेश की इच्छुक कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करेंगे।
सम्मेलन में लगभग सौ कंपनियों के अलावा सात देशों के राजदूत भी शामिल होंगे। यह जानकारी मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सोमवार को यहां पत्रकार वार्ता में दी।
विकास एजेंडे के तहत होगा निवेश
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया कि सरकार के विकास एजेंडे के तहत औद्योगिक एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली में 12 जून को निवेशक सम्मेलन आयोजित किया गया है।
इसमें जानी-मानी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी आएंगे। मुख्यमंत्री व शासन के आला अधिकारी निवेशकों के साथ खुला संवाद करेंगे।
मुख्य सचिव ने बताया कि उसी दिन 25 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के एमओयू पर दस्तखत होने की उम्मीद है।
कहा यह भी जा रहा है कि विधानसभा चुनाव 2017 में 2014 के आमचुनाव में हुए हश्र से बचने के लिए अखिलेश अब हर हथकंडा अपनाना चाहते हैं, वह राज्य में निवेश का वातावरण बनाने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं।
ग्लोबल समिट के आयोजन की योजना
आगे ऐसा ही सम्मेलन मुंबई में होगा और अगले साल फरवरी में आगरा ग्लोबल समिट आयोजित करने की योजना है।
सवालों के जवाब में आलोक रंजन ने कहा कि कानून-व्यवस्था और बिजली सरकार की उच्चतम प्राथमिकता है और निवेशकों को भी इसके लिए आश्वस्त किया जाएगा।
सम्मेलन में अमेरिकन चेंबर ऑफ कामर्स, ताइवान चेंबर्स, इंडो-इटैलियन चेंबर्स के साथ-साथ सीआईआई के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होंगे।
कनाडा, जर्मनी, इटली, ताइवान, चेक गणराज्य, तुर्की और नीदरलैंड के राजदूतों ने भी सम्मेलन में आने के लिए सहमति दी है।